सीएमएफआरआई वैज्ञानिक ने समुद्री शैवाल पर शोध के लिए जीता आईसीएआर पुरस्कार

कोच्चि, 17 जुलाई (आईएएनएस)। सेंट्रल मरीन फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीएमएफआरआई) की प्रमुख वैज्ञानिक काजल चक्रवर्ती ने मधुमेह सहित विभिन्न जीवनशैली संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए समुद्री शैवाल से न्यूट्रास्युटिकल उत्पाद विकसित करने के अपने शोध प्रयासों के लिए राष्ट्रीय पहचान हासिल की है।
 | 
सीएमएफआरआई वैज्ञानिक ने समुद्री शैवाल पर शोध के लिए जीता आईसीएआर पुरस्कार कोच्चि, 17 जुलाई (आईएएनएस)। सेंट्रल मरीन फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीएमएफआरआई) की प्रमुख वैज्ञानिक काजल चक्रवर्ती ने मधुमेह सहित विभिन्न जीवनशैली संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए समुद्री शैवाल से न्यूट्रास्युटिकल उत्पाद विकसित करने के अपने शोध प्रयासों के लिए राष्ट्रीय पहचान हासिल की है।

चक्रवर्ती ने केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के तहत कार्यरत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) द्वारा स्थापित कृषि अनुसंधान में उत्कृष्टता के लिए प्रतिष्ठित नॉर्मन बोरलॉग राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।

Bansal Saree

तीन अन्य सीएमएफआरआई वैज्ञानिकों ने भी अपने कार्यों के लिए पुरस्कार जीते। सभी पुरस्कार वर्चुअली केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा प्रदान किए गए।

पुरस्कार प्रदान करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए तोमर ने कहा कि प्रासंगिक अनुसंधान कार्यक्रमों के माध्यम से कृषि और इसकी मजबूत नींव को मजबूत करने से देश के ग्रामीण विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।

Devi Maa Dental

इस अवसर पर स्थानीय स्तर पर कृषि को समर्थन देने के लिए आईटीसी आधारित इंटरफेस समाधान किसान सारथी का भी विमोचन किया गया।

पुरस्कार, जिसकी घोषणा हर पांच साल में एक बार की जाती है, उसके लिये 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाता है। इसके अलावा, वैज्ञानिक को पांच साल के लिए एक चुनौतीपूर्ण शोध परियोजना को अंजाम देने के लिए 1.5 करोड़ रुपये का शोध अनुदान दिया जाएगा।

चक्रवर्ती की शोध उपलब्धियों में गठिया के दर्द, टाइप -2 मधुमेह, डिस्लिपिडेमिया, उच्च रक्तचाप और हाइपोथायरायडिज्म से निपटने के लिए चयनित समुद्री शैवाल से न्यूट्रास्युटिकल उत्पादों का विकास और व्यावसायीकरण शामिल है।

अनुसंधान की इस पंक्ति में नए प्रयासों में एंटीऑस्टियोपोरोटिक और प्रतिरक्षा-बढ़ाने वाले न्यूट्रास्यूटिकल्स शामिल हैं और बाद में कोविड -19 महामारी के मद्देनजर व्यापक ध्यान दिया गया।

पुरस्कार की घोषणा की गई और आईसीएआर के 93वें स्थापना दिवस को चिह्न्ति करते हुए प्रस्तुत किया गया।

सीएमएफआरआई के अन्य विजेताओं में पीएचडी विद्वान फासीना मक्कड़ शामिल हैं, जिन्हें कृषि और संबद्ध विज्ञान में डॉक्टरेट थीसिस अनुसंधान के लिए जवाहरलाल नेहरू पुरस्कार मिला था। सीएमएफआरआई के लिए अन्य पुरस्कारों में सी क्षेत्र में स्थित आईसीएआर संस्थानों के बीच राजभाषा नीति के उत्कृष्ट कार्यान्वयन के लिए राजर्षि टंडन राजभाषा पुरस्कार शामिल हैं।

सीएमएफआरआई ने अपनी इन-हाउस हिंदी पत्रिका मत्स्यगंधा के लिए आईसीएआर सर्वश्रेष्ठ हिंदी पत्रिका पुरस्कार - गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार भी प्राप्त किया।

--आईएएनएस

एचके/एएनएम