भस्त्रिका प्राणायाम से  फेफड़े को बनाये मजबूत , जानिए इसके अन्य फायदे 

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Bhastrika Pranayam: कोरोना काल (Corona Era) में इम्‍यून सिस्‍टम (Immune System) को मजबूत बनाए रखना बहुत जरूरी है, ताकि किसी भी तरह के इंफेक्‍शन (Infection) से बचा जा सके।इसके लिए बहुत जरूरी है कि योगासन (Yoga Posture) को अपने रूटीन में शामिल किया जाए। सांस संबंधी दिक्कतों से आज के समय में कई लोग घिर जाते हैं। इसके अलावा, दूसरी बीमारियां भी वर्तमान समय में लोगों को अपना शिकार बनाती हैं। बेहतर स्वास्थ्य के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करना बेहद जरूरी है। हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि जो लोग शारीरिक रूप से ज्यादा सक्रिय होते हैं उन्हें बीमारियों का खतरा कम होता है। योग और प्राणायाम शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार भस्त्रिका प्राणायाम करने से संपूर्ण स्वास्थ्य बेहतर होता है। आइए जानते हैं –

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भस्त्रिका प्राणायाम को करने का सही तरीका

: किसी भी शांत वातावरण में सिद्धासन, वज्रासन या पद्मासन में बैठ जाएं।
: अगर आप इन आसनों में नहीं बैठ पा रहे हैं तो किसी भी आरामदायक अवस्था में बैठ जाएं और बैठकर अपनी गर्दन, शरीर और सिर को सीधा रखें।
: इसके बाद अपनी आंखें बंद करें और थोड़ी देर के लिए अपनी शरीर को शिथिल कर, अपना मुंह बंद कर लें। योग शुरू करने से पहले अपने नथनों को भी अच्छी तरह साफ कर    लें।
: अपने हाथों को चीन या ज्ञान मुद्रा में रखें।
: धीरे-धीरे सांस खींचते हुए अपनी सांस को बलपूर्वक छोड़ दें।
: अब अपनी सांस बलपूर्वक खींचे और वैसे ही उसे छोड़ें।
: भस्त्रिका प्राणायाम करते वक्त धौंकनी की तरह आपको अपनी छाती को फुलाना और पिचकाना है।
: इस प्राणायाम का अभ्यास तीन अलग सांस दरों से किया जा सकता है। पहला धीमी जिसमें आप 2 सेकंड में 1 सांस लेंगे, दूसरा मध्यम जिसमें आप 1 सेकंड में 1 सांस लेंगे और    तीसरा तेज जिसमें आप 1 सेकंड में 2 सांस लेंगे।
: आप शुरुआत धीमी गति से करें और रोजाना लगभग 30 पंप्स ही खींचे।
: इस प्रक्रिया को 4 से 5 बार दोहराएं ।
: इसके बाद जैसे-जैसे आपको आदत हो जाएगी, आप रोजाना 15 पंप बढ़ा सकते हैं।

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मजबूत होंगे फेफेड़े: आयुर्वेद में तीन प्रकार के दोषों का जिक्र मिलता है जिनमें वात्, पित्त और कफ शामिल हैं। ये योगासन इन तीनों को संतुलित रखने में मददगार है। इस आसन को करने से फेफड़े तो मजबूत होते ही हैं, साथ ही सांस संबंधी दिक्कतें भी नहीं होती हैं।
भस्त्रिका प्राणायाम करते वक्त बरतें ये सावधानियां

- अगर आपको हाई बीपी की समस्या है तो डॉक्टर की सलाह के बिना यह प्राणायाम न करें।
- भस्त्रिका प्राणायाम करने से ठीक आधा घंटे पहले और आधा घंटे बाद पानी न पिएं।
- अगर आपको पानी की खास जरूरत महसूस हो रही है, तो प्राणायाम करने के बाद गुनगुने पानी का केवल 2 सिप पिएं।
- भस्त्रिका प्राणायाम को करने का सबसे अच्छा समय सुबह का होता है। अगर आप इस प्राणायाम को शाम में कर रहे हैं तो ध्यान रखिए के - - - आप इसे अपने खाने के 4 से    5 घंटे बाद ही करें।
- यदि भस्त्रिका प्राणायाम करते वक्त आपको चक्कर आता है, या सिर घूमने लगता है, तो उस स्थिति में आप यह प्राणायाम करना रोक दें और - तुरंत शवासन में लेट जाएं।
- उच्च रक्तचाप वाले व्यक्ति को भस्त्रिका प्राणायाम नहीं करनी चाहिए।