Coronavirus: कोरोना के डेल्टा स्ट्रेन से हो रहा है बहरापन और गैंग्रीन,  ये स्ट्रेन है ज्यादा खतरनाक 

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कोरोना की दूसरी लहर भारत के लिए विनाशकारी साबित हुई है. को.इस वायरस के चपेट में आने वाले हजारों लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं जो मरीज रिकवर हो रहे हैं उनमें कई तरह साइड इफेक्ट भी देखने को मिल रहे हैं. हालांकि डॉक्टर्स लगातार कोरोना के इस डेल्टा स्ट्रेन के खतरे को जानने की कोशिश कर रहे हैं डॉक्टर्स का कहना है कि डेल्टा स्ट्रेन से संक्रमित कोरोना के मरीजों में सुनने की क्षमता का कमजोर होना, पेट की गड़बड़ी, ब्लड क्लॉट, गैंग्रीन जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं. अब तक ये लक्षण आमतौर पर कोरोना के मरीजों में नहीं देख जा रहे थे.डेल्टा स्ट्रेन को B.1.617.2 भी कहा जाता है. दूसरे वेरिएंट्स की तुलना में ये स्ट्रेन तेजी से फैलता है. डेल्टा स्ट्रेन कितना खतरनाक है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस पर वैक्सीन भी कम प्रभावी साबित हो रही है. अब तक डेल्टा स्ट्रेन 60 से ज्यादा देशों में फैल चुका है.

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दूसरे वेरिएंट के मुकाबले काफी खतरनाक

विशेषज्ञों के मुताबिक इस वेरिएंट में दूसरे वेरिएंट की तुलना में संक्रमण की तीव्रता, वैक्सीन के असर को कम करना, जैसी तमाम वजहों से यह स्ट्रेन काफी खतरनाक हो चला है. एनडीटीवी में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, चैन्नई के अपोलो अस्पताल के संक्रमण बीमारियों के फिजिशियन डॉ अब्दुल गफूर का कहना है कि बी.1.617 का नई लक्षणों से संबंध है या नहीं ये पता करने के लिए हमें और वैज्ञानिक शोध की ज़रूरत है. गफूर का कहना है कि महामारी की शुरूआती लहर की अपेक्षा इस बार डायरिया के कहीं ज्यादा मरीज देखने को मिल रहे हैं.

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खून के थक्के 

मुंबई के हृदय रोग विशेषज्ञ गणेश मनुधाने का कहना है कि कुछ मरीजों में माइक्रो थ्रोम्बी या खून के छोटे थक्के बन रहे हैं. ये  कि इतने गंभीर हो रहे हैं कि ये प्रभावित ऊतकों को मार रहे हैं और इससे गैंग्रीन की बीमारी हो रही है. डॉक्टर मनुधाने ने पिछले दो महीनों में सेवन हिल्स अस्पताल में थ्रोम्बोटिक के आठ मरीजों का इलाज किया है. इसकी वजह से दो मरीजों की उंगलियों या पैर भी काटने पड़े. डॉक्टर मनुधाने ने कहा, 'मैंने पिछले सालस तरह के तीन-चार मामले देखे थे लेकिन अब हर सप्ताह एक मरीज इस बीमारी के साथ आ रहा है.'

पेट को भी पहुंचा रहा नुकसान

कुछ मामलों में ये भी देखने को मिला है कि उन नसों में खून के थक्के जमे जो आंत तक खून पहुंचाती है. इस वजह से कई मरीजों को पेट दर्द की शिकायत भी हो रही है. दिलचस्प बात ये है कि दूसरी लहर में हर मरीज में अलग लक्षण देखने को मिल रहे हैं. डेल्टा वैरिएंट ने भारत में अपना भयानक रूप दिखाना शुरू कर दिया है. वर्तमान में भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता की बात इसका तेजी से फैलना है और इसका बच्चों पर भी असर देखने को मिल रहा है. इस बार पूरे परिवार में कोविड के लक्षण देखने को मिले जबकि पिछली बार ऐसा देखने को कम मिल रहा था. यही नहीं इस बार कोविड की वजह से पनपी म्यूकरमायकोसिस ने भी भारत को एक नए सिर दर्द दिया है.