विश्व खाद्य दिवस: कृपया हर अनाज को मूल्यवान समझें

बीजिंग, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। 16 अक्टूबर विश्व खाद्य दिवस होता है। इस वर्ष विश्व खाद्य दिवस की थीम है कार्रवाई भविष्य का निर्माण करती है, बेहतर उत्पादन, बेहतर पोषण, बेहतर पर्यावरण और बेहतर जीवन।
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विश्व खाद्य दिवस: कृपया हर अनाज को मूल्यवान समझें बीजिंग, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। 16 अक्टूबर विश्व खाद्य दिवस होता है। इस वर्ष विश्व खाद्य दिवस की थीम है कार्रवाई भविष्य का निर्माण करती है, बेहतर उत्पादन, बेहतर पोषण, बेहतर पर्यावरण और बेहतर जीवन।

संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा जारी 2021 विश्व खाद्य सुरक्षा और पोषण स्थिति की रिपोर्ट से पता चलता है कि 2020 में, दुनिया भर में 72 से 81 करोड़ लोग भूख का सामना कर रहे थे। 2019 की तुलना में इसमें 16.1 करोड़ की वृद्धि हुई है। 2020 में, लगभग 2.37 अरब लोगों को पर्याप्त भोजन नहीं मिल पाता और केवल एक ही वर्ष में 32 करोड़ की वृद्धि हुई। दुनिया का कोई भी क्षेत्र इससे बच नहीं सकता। यह रिपोर्ट कोविड-19 महामारी के प्रकोप के बाद जारी की गई इस तरह की पहली वैश्विक मूल्यांकन रिपोर्ट है।

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भूख हमसे दूर नहीं है!

दुनिया के कई कोनों में, भोजन की कमी की समस्या अभी भी स्थानीय लोगों के सिर पर लटकी हुई तलवार है। कहा जाता है कि भूख से असंतोष पैदा होता है। चाहे उद्योग कितना भी मजबूत हो, व्यवसाय कितना भी विकसित हो, इंटरनेट कितना भी तेज हो, पेट भरना हमेशा सबसे बुनियादी आवश्यकता होता है। चीन दुनिया में सबसे अधिक आबादी वाला देश है। सभी लोगों के पेटों को भरने के लिए कुल राशि एक चौंकाने वाली संख्या और एक बड़ा बोझ भी है। कुछ लोग सवाल कर सकते हैं कि अगर मैं खाना बर्बाद नहीं करता, तो क्या भूखे लोग खा सकते हैं? जबाव है कि आप जो भोजन बर्बाद करते हैं, वह जरूर भूखे लोगों के पेट तक नहीं पहुंच सकता, लेकिन जो भोजन आप बचाते हैं, वह संभवत: भूखे लोगों के पेट तक पहुंच सकता है। तो इस बारे में आप कैसे चुनते हैं?

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने भोजन की बबार्दी पर भी निर्देश दिया था कि भोजन की बबार्दी की स्थिति चौंकाने वाली और चिंताजनक है। चीन में अनाज उत्पादन की अचछी पैदावार के बावजूद, हमें हमेशा खाद्य सुरक्षा के प्रति संकट की जागरूकता रखनी चाहिए। पिछले साल पैदा हुई वैश्विक कोविड-19 महामारी ने हमारे लिए संकट की घंटी बजायी कि भोजन बचाना और बबार्दी का विरोध करना तात्कालिक है।

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भूख के युग से आते हुए, हमें उस दर्द को नहीं भूलना चाहिए, जो भोजन की कमी ने हमारी पिछली पीढ़ियों को दिया था। चावल का एक दाना आसानी से नहीं मिलता है। हमें ²ढ़ता के साथ बबार्दी का विरोध करना चाहिए और हर अनाज को बचाना चाहिए। हर अनाज को मूल्यवान समझना अपने भविष्य के लिए जिम्मेदार है। 41वें विश्व खाद्य दिवस के आगमन के मौके पर आइए, हम एक साथ बबार्दी को रोकें।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

--आईएएनएस

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