चीनी राष्ट्रपति के भाषण से ब्रिक्स को नई ऊर्जा मिलेगी : एक्सपर्ट

बीजिंग, 11 सितम्बर (आईएएनएस)। ब्रिक्स की 13वीं बैठक में चीनी राष्ट्रपति शीचिनफिंग ने अहम भाषण दिया। जिसमें उन्होंने ब्रिक्स देशों को विश्वास व एकता को मजबूत करते हुए ब्रिक्स व्यवहारिक सहयोग को उच्च गुणवत्ता की दिशा में बढ़ावा देने पर जोर दिया। चीनी राष्ट्रपति के भाषण पर विभिन्न देशों के विशेषज्ञों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है। इस दौरान चाइना मीडियाग्रुप ने अंतर्राष्ट्रीय मामलों के जानकार और इंडिया ग्लोबल चाइना सेंटर के निदेशक प्रसून शर्मा से बात की।
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चीनी राष्ट्रपति के भाषण से ब्रिक्स को नई ऊर्जा मिलेगी : एक्सपर्ट बीजिंग, 11 सितम्बर (आईएएनएस)। ब्रिक्स की 13वीं बैठक में चीनी राष्ट्रपति शीचिनफिंग ने अहम भाषण दिया। जिसमें उन्होंने ब्रिक्स देशों को विश्वास व एकता को मजबूत करते हुए ब्रिक्स व्यवहारिक सहयोग को उच्च गुणवत्ता की दिशा में बढ़ावा देने पर जोर दिया। चीनी राष्ट्रपति के भाषण पर विभिन्न देशों के विशेषज्ञों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है। इस दौरान चाइना मीडियाग्रुप ने अंतर्राष्ट्रीय मामलों के जानकार और इंडिया ग्लोबल चाइना सेंटर के निदेशक प्रसून शर्मा से बात की।

उन्होंने कहा कि शी के भाषण से पता चलता है कि ब्रिक्स का कितना महत्व है। इससे जाहिर होता है कि ब्रिक्स राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक भूमिका निभा रहे हैं।

इसके साथ ही चीनी राष्ट्रपति ने ब्रिक्स की भावना की बात की। जिसमें उन्होंने सभी सहयोगी सदस्यों के लिए खुलनेपन, समग्रता, सहयोग और समान जीत का उल्लेख किया। वहीं उन्होंने वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिति में सुधार पर भी चर्चा की। उन्होंने जिन मुद्दों का उल्लेख किया, वे सभी बहुत महत्वपूर्ण हैं। इस तरह से ब्रिक्स देशों को इससे नई ऊर्जा मिलेगी।

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राष्ट्रपति शी के बयान के संदर्भ में देखें, अगर ब्रिक्स देश आपस में सामंजस्य बिठाकर, व्यावहारिक तौर पर अपने आंतरिक मुद्दों से ऊपर उठकर या उन्हें सुलझा कर काम करेंगे तो यह पूरे विश्व समुदाय के लिए बहुत ही बड़ी उपलब्धि रहेगी।

इसके साथ ही राष्ट्रपति शी का भाषण इसलिए भी अहम है, क्योंकि अगले साल के ब्रिक्स सम्मेलन का मेजबान देश चीन होगा। इसके साथ ही हमने देखा कि कोरोना महामारी के दौरान भी ब्रिक्स के सदस्य देशों ने आपसी तालमेल बनाए रखा है, जो अपने आप में विशेष बात है।

जहां तक चीन की भूमिका का सवाल है तो वह विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, और ब्रिक्स मंच खासकर आर्थिक मसलों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करता है। लेकिन आने वाले समय में चीन की जिम्मेदारी सिर्फ आर्थिक क्षेत्र में ही नहीं रहने वाली है, बल्कि क्षेत्रीय शांति व स्थिरता में भी उसका व्यापक रोल रहेगा। जिस तरह से अफगानिस्तान की स्थिति है, उसे बेहतर बनाने में चीन एक प्रमुख भूमिका अदा कर सकता है।

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कहा जा सकता है कि ब्रिक्स के सदस्य पांच देश न केवल जनसंख्या व भौगोलिक ²ष्टि से, बल्कि आर्थिक, व्यापारिक व राजनीतिक लिहाज से भी विश्व में अहम स्थान रखते हैं। पिछले डेढ़ दशक में इस मंच ने दुनिया को यह दिखाया है।

गौरतलब है कि अगले ब्रिक्सबैठक की मेजबानी व अध्यक्षता चीन करेगा। उम्मीद की जानी चाहिए कि यह मंच वैश्विक चुनौतियों से निपटने में और सक्रिय भूमिका निभाएगा।

(अनिल आजाद पांडेय, चाइना मीडियाग्रुप, पेइचिंग)

--आईएएनएस

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