प्रियंका गांधी ने कहा- देश में लोग मर रहे हैं, लोगों को बेड नहीं मिल रहे हैं और आप बड़ी बड़ी रैलियो में हंस रहे हैं

कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर पीएम मोदी और सरकार पर निशाना साधा

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न्‍यूज टुडे नेटवर्क। कोरोना संक्रमण के फैलते कहर के बीच कांग्रेस पार्टी ने केन्‍द्र सरकार को काम काज के रवैये पर घेरा है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि देश भर में आक्‍सीजन की कमी है। लोग मर रहे हैं मरीजों को बेड नहीं मिल रहे हैं श्‍मशान घाटों पर चिता जलाने के लिए टोकन लग रहा है और आप रैलियों में हंस रहे हैं। प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया पर ट्वीट करके सरकार पर निशाना साधा और प्रधानमंत्री को आड़े हाथों लिया।

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कांग्रेस महासचिव ने कहा, कि देशभर से रिपोर्ट आ रही हैं कि बेड, ऑक्सीजन, रेमडेसिविर, वेंटिलेटर की कमी है। पहली वेव और दूसरी वेव के बीच हमारे पास तैयारी करने के कई महीने थे। भारत की ऑक्सीजन प्रोडक्शन कैपेसिटी दुनिया में सबसे बड़ी है, ऑक्सीजन को ट्रांसपोर्ट करने की सुविधा नहीं बनाई गई।"

प्रियंका गांधी ने कहा, "कितनी बड़ी त्रासदी है कि देश में ऑक्सीजन उपलब्ध है लेकिन जहां पहुंचना चाहिए वहां पहुंच नहीं पा रहा है। पिछले 6 महीने में 1.1 मिलियन रेमडेसिविर इंजेक्शन का निर्यात हुआ है और आज हमारे पास इंजेक्शन की कमी है।"

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कांग्रेस महासचिव ने कहा, "सरकार ने जनवरी से मार्च महीने में कोरोना वायरस की 6 करोड़ वैक्सीन निर्यात की और इसी समय में 3-4 करोड़ भारतीयों को वैक्सीन दी। आपने भारतीयों को प्राथमिकता क्यों नहीं दी? लोग दवाइयों, ऑक्सीजन, बेड के लिए रो रहे हैं और आप बड़ी-बड़ी रैलियों में जाकर हंस रहे हैं!"

प्रियंका गांधी ने आगे कहा, "मनमोहन सिंह जी 10 साल के लिए देश के प्रधानमंत्री थे। हर कोई जानता है कि वह किस तरह का व्यक्ति है। यदि वह सुझाव दे रहे हैं जब राष्ट्र महामारी का सामना कर रहा है, तो सुझावों को उसी गरिमा के साथ लिया जाना चाहिए जिसके साथ उन्हें पेश किया गया था।"

उन्होंने कहा, "हर जगह से ऐसी रिपोर्ट आ रही हैं कि समझ में ही नहीं आ रहा कि ये सरकार क्या कर रही है? शमशान घाटों पर इतनी भीड़ लगी है, लोग कूपन लेकर खड़े हैं। हम इस स्थिति में सोच रहे हैं कि हम क्या करें। जो सरकार को करना चाहिए था, वो सरकार नहीं कर रही है। मैं सकारात्मक तरीके से कह रही हूं कि भगवान के लिए सरकार कुछ करे। उनके पास जितने संसाधन हैं उन्हें वो कोरोना की लड़ाई में लगाएं। अगर केंद्र सरकार अपना मन बनाए तो अभी भी ऑक्सीजन की सुविधा बनाई जा सकती है।"