श्रीरंगपटना जामिया मस्जिद विवाद से कर्नाटक में विवाद शुरू होने का अंदेशा

बेंगलुरु, 12 मई (आईएएनएस)। ऐसे समय में, जब वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद विवाद ने बहस छेड़ दी है कि क्या पूरे देश में मंदिरों पर मस्जिदें बनाई गई हैं, कर्नाटक के मांड्या जिले के श्रीरंगपटना शहर में जामिया मस्जिद एक बार फिर लोगों की नजरों में आ गई है।
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श्रीरंगपटना जामिया मस्जिद विवाद से कर्नाटक में विवाद शुरू होने का अंदेशा बेंगलुरु, 12 मई (आईएएनएस)। ऐसे समय में, जब वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद विवाद ने बहस छेड़ दी है कि क्या पूरे देश में मंदिरों पर मस्जिदें बनाई गई हैं, कर्नाटक के मांड्या जिले के श्रीरंगपटना शहर में जामिया मस्जिद एक बार फिर लोगों की नजरों में आ गई है।

हिंदू कार्यकर्ता श्रीरंगपट्टन को कर्नाटक की अयोध्या मानते हैं। सत्तारूढ़ भाजपा इस समृद्ध जिले में पैठ बनाने की कोशिश कर रही है और इसका राज्य की राजनीति पर बहुत असर पड़ रहा है।

सूत्रों ने कहा कि हिंदू कार्यकर्ताओं द्वारा इस मुद्दे को उठाए जाने के साथ पार्टी का लक्ष्य उस क्षेत्र में समृद्ध चुनावी सफलता हासिल करना है, जिसे वर्तमान में जद (एस) का गढ़ माना जाता है। मांड्या जिले के श्रीरंगपटना को प्रमुख वोक्कालिगा समुदाय का गढ़ माना जाता है।

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मस्जिद प्रबंधन ने जिला प्रशासन से बार-बार अपील की है कि मस्जिद को हिंदू कार्यकर्ताओं द्वारा नुकसान पहुंचाए जाने से बचाया जाए।

काली मठ के ऋषि कुमार स्वामी ने गुरुवार को दावा किया कि श्रीरंगपटना में जामिया मस्जिद एक हनुमान मंदिर के स्थान पर बनाई गई थी और मस्जिद के लिए रास्ता बनाने के लिए मंदिर को तोड़ा गया था।

उन्होंने दावा किया, मस्जिद के अंदर तत्कालीन होयसला साम्राज्य के प्रतीक हैं।

स्वामी ने कहा कि आगामी हनुमान जयंती के दौरान इस पर एक अभियान शुरू किया जाएगा।

उन्होंने यह भी दावा किया कि मंदिर मैसूर राजाओं के शासन से पहले बनाया गया था।

स्वामी ने दावा किया, टीपू सुल्तान के शासन के दौरान हनुमान मंदिर को एक मस्जिद में बदल दिया गया था। यह साबित करने के लिए पुख्ता सबूत हैं कि मस्जिद पहले हिंदू मंदिर थी।

उन्होंने आगे दावा किया कि 1784 में मंदिर को नष्ट कर दिया गया था।

स्वामी को इस साल जनवरी में मस्जिद गिराने का आह्वान करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने मांग की थी कि मस्जिद को तब तक बंद रखा जाए, जब तक यह तय न हो जाए कि यह पहले मंदिर था या नहीं। वह अभी जमानत पर बाहर हैं।

--आईएएनएस

एसजीके/एएनएम