रोहिणी विस्फोट मामले में दिल्ली की अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका पर मेडिकल रिपोर्ट मांगी

नई दिल्ली, 23 जून (आईएएनएस)। दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को 2021 रोहिणी कोर्ट विस्फोट के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए आरोपी की जमानत याचिका पर जेल अधीक्षक से नए सिरे से मेडिकल रिपोर्ट मांगी है।
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रोहिणी विस्फोट मामले में दिल्ली की अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका पर मेडिकल रिपोर्ट मांगी नई दिल्ली, 23 जून (आईएएनएस)। दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को 2021 रोहिणी कोर्ट विस्फोट के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए आरोपी की जमानत याचिका पर जेल अधीक्षक से नए सिरे से मेडिकल रिपोर्ट मांगी है।

आरोपी भारत भूषण कटारिया, जिस पर आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3 के तहत आरोप लगाया गया था, चिकित्सा आधार पर 3 महीने की अवधि के लिए अंतरिम जमानत की मांग कर रहा था।

सुनवाई के दौरान, अतिरिक्त लोक अभियोजक गिरीश कुमार मन्हास ने जोरदार तर्क दिया कि 28 मई को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश द्वारा उसी आधार पर पिछले आवेदन को खारिज कर दिया गया था। यह भी नोट किया गया था कि याचिकाकर्ता के वकील द्वारा वर्तमान में रखे गए चिकित्सा दस्तावेज 25-26 मई दिनांकित हैं।

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तद्नुसार जेल अधीक्षक को 28 जून तक नई विस्तृत चिकित्सा रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश देते हुए पटियाला हाउस कोर्ट के अवकाश न्यायाधीश अनु अग्रवाल ने अगली सुनवाई उसी दिन के लिए नियत कर दी।

पिछले साल 9 दिसंबर को, रोहिणी कोर्ट परिसर के कोर्ट रूम नंबर 102 के अंदर सुबह करीब 10.30 बजे एक कम तीव्रता वाला विस्फोट हुआ, जिसमें विस्फोट के दायरे में मौजूद एक व्यक्ति घायल हो गया। पुलिस के अनुसार, 48 वर्षीय आरोपी कटारिया ने आईईडी को ऐसी जगह पर लगाया था, जहां एक वकील के अदालत कक्ष के अंदर बैठने की संभावना थी, क्योंकि वह लंबी कानूनी लड़ाई के कारण बहुत निराश था, जो उसके करियर में समस्याएं पैदा कर रहा था और साथ ही साथ लंबे समय तक मानसिक रूप से भी परेशान था।

जांच के दौरान 150 से अधिक कैमरों के सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के बाद घटना के दिन अदालत परिसर में प्रवेश करने वाले 1000 से अधिक वाहनों का सत्यापन, अधिवक्ताओं, वादियों, पुलिस कर्मियों सहित सैकड़ों लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस टीम ने घटना के पीछे अपराधी भारत भूषण कटारिया की पहचान की।

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आठ दिन बाद 17 दिसंबर को रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) के वैज्ञानिक कटारिया को उक्त मामले में उनके आवास से गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली पुलिस के अनुसार, जांच से पता चला कि कटारिया ने अपने प्रतिद्वंद्वी अमित वशिष्ठ को मारने के इरादे से जानबूझकर एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी)को रिमोट के जरिए ट्रिगर किया।

--आईएएनएस

आरएचए/एएनएम