यूजीसी टेकओवर करे दिल्ली सरकार द्वारा वित्त पोषित 12 कॉलेज : डूटा

दिल्ली, 15 सितंबर (आईएएनएस)। यूजीसी के समक्ष दिल्ली के उन सभी 12 कॉलेजों का मुद्दा उठाया गया है, जिनमें शिक्षकों की सैलरी को लेकर लगातार संकट बना हुआ है। यह सभी 12 कॉलेज दिल्ली सरकार द्वारा 100 फीसदी वित्त पोषित हैं। अब यूजीसी से मांग की गई है की यूजीसी दिल्ली सरकार के इन सभी 12 कॉलेजों को टेकओवर करने की कार्रवाई करे। बुधवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ ने यूजीसी के समक्ष यह मांग रखी।
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यूजीसी टेकओवर करे दिल्ली सरकार द्वारा वित्त पोषित 12 कॉलेज : डूटा दिल्ली, 15 सितंबर (आईएएनएस)। यूजीसी के समक्ष दिल्ली के उन सभी 12 कॉलेजों का मुद्दा उठाया गया है, जिनमें शिक्षकों की सैलरी को लेकर लगातार संकट बना हुआ है। यह सभी 12 कॉलेज दिल्ली सरकार द्वारा 100 फीसदी वित्त पोषित हैं। अब यूजीसी से मांग की गई है की यूजीसी दिल्ली सरकार के इन सभी 12 कॉलेजों को टेकओवर करने की कार्रवाई करे। बुधवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ ने यूजीसी के समक्ष यह मांग रखी।

डूटा पदाधिकारियों ने बुधवार को यूजीसी के अधिकारियों से मुलाकात की। बैठक में यूजीसी के सचिव प्रोफेसर रजनीश जैन, वित्तीय सलाहकार पी के ठाकुर उपस्थित रहे। डूटा ने इस दौरान ने विश्वविद्यालय में तदर्थ आधार पर काम कर रहे 4000 से अधिक शिक्षकों के एकमुश्त नियमन की मांग रखी है।

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यूजीसी के अधिकारियों ने इस मांग के प्रति सहानुभूति दिखाई लेकिन कहा कि इस मामले को मंत्रालय के स्तर पर संबोधित किया जाना है।

विश्वविद्यालय में नियुक्ति के लिए न्यूनतम योग्यता के रूप में पीएचडी की आवश्यकता है। डूटा ने इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। डूटा अध्यक्ष राजीब रे ने कहा कि कोरोना के कारण पीएचडी पूरा करने के लिए यूजीसी द्वारा दी गई छूट को ध्यान में रखते हुए, यूजीसी विनियम 2018 के खंड को लागू किया जाए। शिक्षकों को भर्ती या पदोन्नति के लिए पीएचडी की आवश्यकता वाले नियम को डूटा ने स्थगित करने की मांग की है।

डूटा पदाधिकारियों ने यह भी मांग की कि शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम (पुनश्चर्या पाठ्यक्रम, एफडीपी) को पूरा करने के लिए और छूट दी जाए।

डूटा प्रतिनिधिमंडल को यूजीसी ने सूचित किया कि विसंगति समिति की रिपोर्ट में इसे संबोधित किया गया है। यूजीसी ने पहले ही मंत्रालय को रिपोर्ट सौंप दी है।

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डूटा प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि पदोन्नति के लिए पिछली सेवा की गणना का लाभ सभी के लिए बढ़ाया जाए, क्योंकि बड़ी संख्या में शिक्षकों ने स्थायी होने से पहले कई वर्षों तक तदर्थ के रूप में काम किया है। इन मुद्दों पर यूजीसी के अधिकारी सकारात्मक थे।

डूटा ने उन 12 कॉलेजों में संकट को भी उठाया, जो दिल्ली सरकार द्वारा 100 फीसदी वित्त पोषित हैं। डूटा ने यूजीसी से इन कॉलेजों को टेक-ओवर पर विचार करने का अनुरोध किया।

--आईएएनएस

जीसीबी/एएनएम