भोपाल में मूर्ति और ताजिया विसर्जन में अधिकतम 10 लोग हो सकेंगे शामिल

भोपाल, 10 सितम्बर (आईएएनएस)। कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में निषेधाज्ञा धारा 144 लागू है, धार्मिक आयेाजनों के लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए है। प्रतिमाओं और ताजिया के विसर्जन के समारोह में अधिकतम 10 लोग ही शामिल हो सकेंगे।
 | 
भोपाल में मूर्ति और ताजिया विसर्जन में अधिकतम 10 लोग हो सकेंगे शामिल भोपाल, 10 सितम्बर (आईएएनएस)। कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में निषेधाज्ञा धारा 144 लागू है, धार्मिक आयेाजनों के लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए है। प्रतिमाओं और ताजिया के विसर्जन के समारोह में अधिकतम 10 लोग ही शामिल हो सकेंगे।

जिलाधिकारी अविनाश लवानिया द्वारा जारी किए गए आदेश के मुताबिक प्रतिमा व ताजिये ( चेहल्लुम) के लिए पण्डाल का आकार अधिकतम 30 गुणा 45 फीट नियत किया गया है। झांकियों की स्थापना एवं प्रदर्शन संकुचित जगह में नहीं होगी, ताकि श्रद्वालुओं और दर्शकों की भीड़ की स्थिति न बने। झांकी स्थल पर सोशल डिस्टेसिंग का पालन करना होगा।

Bansal Saree

कलेक्टर लवानिया द्वारा पूर्व में जारी आदेश में दिये गये दिशानिर्देशों को यथावत रखते हुए धारा 144 के तहत भोपाल जिले की राजस्व सीमाओं में आगामी आदेश तक प्रतिबंधात्मक आदेश पारित किए हैं।

झांकी आयोजन स्थल अथवा मूर्ति स्थापना स्थल पर किसी प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम, जागरण, मनोरंजक कार्यकम, खेल प्रतियोगिताएं एवं भण्डारा इत्यादि प्रतिबंधित किया गया है। वहीं मूर्ति और ताजिये ( चेहल्लुम ) विसर्जन स्थल पर ले जाने के लिए अधिकतम 10 व्यक्तियों के समूह की अनुमति होगी। इसके लिए आयोजकों को अलग से संबंधित अनुविभागीय अधिकारी अर्थात एसडीएम से लिखित अनुमति लेना होगी। कोविड संक्रमण के ²ष्टिगत धार्मिक, सामाजिक आयोजन, चल समारोह और जुलूस निकालना पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। विसर्जन के लिए सामूहिक समारोह भी पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा।

आयोजकों से कहा गया है कि सार्वजनिक स्थानों पर कोविड संक्रमण से बचाव के लिए झॉकियों, पण्डालों एवं विसर्जन के आयोजनों में श्रद्वालु तथा दर्शक फेस कवर, सोशल डिस्टेंसिंग एवं सेनेटाईजर का प्रयोग करें। इसके साथ ही केन्द्र, राज्य व जिला स्तर से समय-समय पर जारी किये गये निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

Devi Maa Dental

--आईएएनएस

एसएनपी/आरएचए