बाल मजदूरी के लिए बेचे गए यूपी के लड़के को अमृतसर से रिहा कराया गया

लखनऊ, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। एक ट्रक चालक द्वारा अगवा कर अमृतसर में बाल श्रम के लिए एक किसान को बेच दिया गया, एक 14 वर्षीय लड़का आखिरकार भागने में सफल रहा और उसे चाइल्डलाइन द्वारा अमृतसर रेलवे स्टेशन से रेस्क्यू कराया गया।
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बाल मजदूरी के लिए बेचे गए यूपी के लड़के को अमृतसर से रिहा कराया गया लखनऊ, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। एक ट्रक चालक द्वारा अगवा कर अमृतसर में बाल श्रम के लिए एक किसान को बेच दिया गया, एक 14 वर्षीय लड़का आखिरकार भागने में सफल रहा और उसे चाइल्डलाइन द्वारा अमृतसर रेलवे स्टेशन से रेस्क्यू कराया गया।

पुलिस ने कहा कि 14 वर्षीय सत्येंद्र का तीन साल पहले एक ट्रक चालक ने अपहरण कर लिया था, जिसने उसे अमृतसर में एक किसान को बेच दिया था।

अपनी आपबीती बताते हुए, सत्येंद्र ने कहा, विभिन्न राज्यों के लगभग छह अन्य किशोर लड़के थे जिन्हें श्रम के लिए खलिहान में लाया गया था। हमारा काम मवेशियों को चराना और खलिहान को साफ रखना था।

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अपने माता-पिता के पास लौटने के बाद बुधवार को लखनऊ के बाहरी इलाके इटौंजा में उसने संवाददाताओं से कहा, हमें नई पहचान दी गई और अन्य धर्मों में परिवर्तित कर दिया गया। मुझे शिव कहा गया और पगड़ी पहनने के लिए कहा गया। वे मेरे साथ मारपीट करते थे और मुझे भूखा रखते थे।

सत्येंद्र ने कहा कि उन्हें अमृतसर शहर के बाहरी इलाके में स्थित कटरायना कला गांव ले जाया गया। उसने बताया कि सोने से पहले हमें बांध दिया जाता था।

सत्येंद्र के चचेरे भाई सुमित यादव, जो उसे लेने अमृतसर गए थे, उन्होंने कहा, इटौजा पुलिस ने लिखित शिकायत के बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं की। महीनों तक, पुलिस परिवार को गुमराह करती रही और उनके बेटे के ठिकाने के बारे में सवालों से बचती रही। उन्होंने उसे खोजने के लिए कभी प्रयास नहीं किया।

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--आईएएनएस

एसकेके/आरजेएस