पटनायक ने पीएम के साथ बैठक में 95 प्रतिशत वैक्सीन आवंटन की मांग की

भुवनेश्वर, 16 जुलाई (आईएएनएस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार राज्य के टीकाकरण आवंटन कोटा को 75 प्रतिशत के बजाय 95 प्रतिशत तक बढ़ाने का आग्रह किया।
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पटनायक ने पीएम के साथ बैठक में 95 प्रतिशत वैक्सीन आवंटन की मांग की भुवनेश्वर, 16 जुलाई (आईएएनएस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार राज्य के टीकाकरण आवंटन कोटा को 75 प्रतिशत के बजाय 95 प्रतिशत तक बढ़ाने का आग्रह किया।

पटनायक ने छह राज्यों - ओडिशा, महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री द्वारा बुलाई गई कोविड प्रबंधन पर एक आभासी बैठक के दौरान यह मांग उठाई।

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पटनायक ने कहा कि ओडिशा टीकाकरण अभियान में बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और इसके टीके की बबार्दी देश में सबसे कम है। हालांकि, प्रदेश में निजी अस्पतालों की उपस्थिति कम होने के कारण 25 प्रतिशत कोटे से टीकों का उठाव कम रहा है।

इस मुद्दे पर केंद्र सरकार के साथ पहले के संवाद को दोहराते हुए उन्होंने कहा, हमने भारत सरकार को राज्य सरकार को आवंटन बढ़ाकर 95 प्रतिशत करने और निजी अस्पतालों को आवंटन कम करके 5 प्रतिशत करने के लिए लिखा था। इससे राज्य में टीकाकरण की गति बढ़ाने में हमारी मदद करें।

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महामारी की संभावित तीसरी लहर और बच्चों पर इसके प्रभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, मैं अनुरोध करना चाहता हूं कि 12-18 वर्ष आयु वर्ग के टीकों को प्राथमिकता दी जाए और इसे जल्द से जल्द शुरू किया जाए।

इससे पहले, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री नबा किशोर दास और अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) पी. के. महापात्रा ने केंद्र से अनुरोध किया था कि वह केंद्रीय दिशानिदेशरें के अनुसार निर्धारित 75:25 अनुपात के बजाय, सरकारी और निजी अस्पतालों के लिए 95:5 के अनुपात में राज्य को कोविड वैक्सीन की खुराक आवंटित करे।

केंद्र ने 8 जून को टीकाकरण कार्यक्रम के लिए अपने दिशानिदेशरें में संशोधन किया था, जो पूरे देश में 21 जून से लागू हुआ था।

सूत्रों ने कहा कि ओडिशा में निजी अस्पतालों की उपस्थिति बहुत कम है और राज्य के कुल स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के केवल 5 प्रतिशत तक ही सीमित है। इसलिए राज्य अधिक मांग कर रहा है।

--आईएएनएस

एकेके/जेएनएस