निपाह को लेकर केरल की सीमा से लगे कर्नाटक में हाई अलर्ट

दक्षिण कन्नड़ (कर्नाटक), 14 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के सीमावर्ती दक्षिण कन्नड़, उडुपी और कारवार जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। कारवार के एक व्यक्ति का नमूना निपाह वायरस के टेस्ट के लिए पुणे में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) प्रयोगशाला भेजा गया है।
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निपाह को लेकर केरल की सीमा से लगे कर्नाटक में हाई अलर्ट दक्षिण कन्नड़ (कर्नाटक), 14 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के सीमावर्ती दक्षिण कन्नड़, उडुपी और कारवार जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। कारवार के एक व्यक्ति का नमूना निपाह वायरस के टेस्ट के लिए पुणे में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) प्रयोगशाला भेजा गया है।

डॉ के.वी. दक्षिण कन्नड़ के जिला आयुक्त राजेंद्र ने मंगलवार को बताया, केरल के सभी यात्रियों के लिए थर्मल स्कैनिंग अनिवार्य की जा रही है। सीमाओं पर कड़ी चौकसी बरती जा रही है। अस्पतालों और सभी डॉक्टरों को सूचित किया जाता है कि वे निपाह के लक्षणों वाले किसी भी व्यक्ति के सामने आने पर रिपोर्ट करें। उडुपी और कारवार जिलों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

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वह आदमी एक ऐसे इंडस्ट्री में काम करता था, जहां आरटी-पीसीआर और निपाह किट बनाये जाते थे। निपाह वायरस से संक्रमित होने का संदेह करने वाले व्यक्ति ने शनिवार को मणिपाल के अस्पताल में संपर्क किया। फिलहाल उन्हें मेंगलुरु के सरकारी वेनलॉक जिला अस्पताल में आइसोलेट किया जा रहा है। उनके साथ उनके पिता और कारवार में परिवार के सदस्य भी आइसोलेट हैं।

डॉ के.वी. राजेंद्र ने बताया कि, हालांकि निपाह के कोई लक्षण नहीं थे, व्यक्ति का नमूना एनआईवी पुणे भेजा गया है। क्योंकि व्यक्ति ने कहा कि वह निपाह वायरस से प्रभावित है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट एक दिन में आने की उम्मीद है।

अधिकारियों ने व्यक्ति के कार्यस्थल की जांच और निरीक्षण किया है और उन्हें निपाह के लक्षणों वाला कोई नहीं मिला है। उन्होंने कहा, हालांकि डॉक्टरों को निपाह के कोई लक्षण नहीं मिले, लेकिन मरीज ने जोर देकर कहा कि वह निपाह वायरस से प्रभावित हो रहा है। हम कोई मौका नहीं लेना चाहते हैं और नमूना टेस्ट के लिए भेजा है।

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गोवा में बारिश में भीगने के बाद व्यक्ति को बुखार हो गया था। उन्होंने सिरदर्द और तेज दिल की धड़कन का भी अनुभव किया। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि कार्यस्थल पर सभी मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन किया गया था और वह निपाह के किसी भी संदिग्ध मामले के संपर्क में नहीं आया है। डॉ के.वी. राजेंद्र ने रेखांकित किया कि जनता को घबराने की जरूरत नहीं है और जिला प्रशासन द्वारा स्थिति से उचित तरीके से निपटा जा रहा है।

--आईएएनएस

एचके/एएनएम