दिल्ली-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन बड़े पैमाने पर उदयपुर से होकर गुजरेगी

जयपुर, 10 सितम्बर (आईएएनएस)। राजस्थान की स्मार्ट सिटी उदयपुर 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दिल्ली और अहमदाबाद के बीच चलने वाली बुलेट ट्रेन की राह पर आ जाएगी, जिससे यह यात्रा सिर्फ तीन घंटे की होगी। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
 | 
दिल्ली-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन बड़े पैमाने पर उदयपुर से होकर गुजरेगी जयपुर, 10 सितम्बर (आईएएनएस)। राजस्थान की स्मार्ट सिटी उदयपुर 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दिल्ली और अहमदाबाद के बीच चलने वाली बुलेट ट्रेन की राह पर आ जाएगी, जिससे यह यात्रा सिर्फ तीन घंटे की होगी। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों ने उडुईपुर के जिला कलेक्टर चेतन देवड़ा को महत्वाकांक्षी परियोजना पर एक प्रस्तुति दी और इस पर विस्तार से चर्चा की।

एनएचएसआरसी लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक अनूप अग्रवाल और सर्वेक्षण प्रबंधक राजीव दत्त के नेतृत्व में अधिकारियों ने दिल्ली-अहमदाबाद हाई स्पीड ट्रेन की डीपीआर तैयार करने से संबंधित बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी दी।

Bansal Saree

यह बताया गया कि इस परियोजना के कुल 875 किमी लंबे ट्रैक का 75 प्रतिशत यानी 657 किमी का ट्रैक राजस्थान में बनेगा। यह ट्रेक राज्य के सात जिलों अलवर, जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर और डूंगरपुर से होकर गुजरेगा। उदयपुर जिले में कुल 127 किमी का ट्रैक होगा।

राजस्थान में प्रस्तावित स्टेशनों का निर्माण बहरोड़, शाहजहांपुर, जयपुर, अजमेर, विजयनगर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर और डूंगरपुर में किया जाएगा।

राइट्स के डीजीएम पी.के. राव ने बताया कि उदयपुर में इस 127 किलोमीटर ट्रैक के तहत कुल 9 स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है।

Devi Maa Dental

निगम अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन संचालन में सुरक्षा संबंधी तकनीकी कारणों से पूरे ट्रैक को अलग-अलग तरीके से बनाया जाएगा और खंभों पर ऊंचा किया जाएगा, वहीं उदयपुर जिले में एक किलोमीटर से कम दूरी की आठ टनल भी बनाई जाएंगी। इस लिहाज से भूमि अधिग्रहण की समस्या कम होगी। इसी तरह यह ट्रैक भी पांच नदियों के ऊपर से गुजरेगा।

अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना को ठोस आकार देने के लिए हेलीकॉप्टर से पूरे ट्रैक का सर्वेक्षण किया जाएगा और इस सर्वेक्षण के आधार पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाएगी। डीपीआर की मंजूरी के बाद परियोजना को धरातल पर लागू किया जाएगा।

--आईएएनएस

एसएस/आरजेएस