तमिलनाडु में दिसंबर से पहले होंगे शहरी स्थानीय निकाय चुनाव

चेन्नई, 18 जुलाई (आईएएनएस)। तमिलनाडु सरकार दिसंबर 2021 से पहले शहरी स्थानीय निकाय चुनाव कराएगी। इसकी घोषणा नगरपालिका प्रशासन मंत्री के.एन. नेहरू ने की।
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तमिलनाडु में दिसंबर से पहले होंगे शहरी स्थानीय निकाय चुनाव चेन्नई, 18 जुलाई (आईएएनएस)। तमिलनाडु सरकार दिसंबर 2021 से पहले शहरी स्थानीय निकाय चुनाव कराएगी। इसकी घोषणा नगरपालिका प्रशासन मंत्री के.एन. नेहरू ने की।

मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के विधानसभा के बजट सत्र के दौरान इस पर बयान देने की उम्मीद है।

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शनिवार को एक बयान में, मंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2021 से पहले राज्य के नौ नए जिलों में ग्रामीण स्थानीय निकाय चुनाव कराने का निर्देश दिया है।

द्रमुक ने पहले अपने चुनावी घोषणा पत्र में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव कराने का जिक्र नहीं किया था, लेकिन यह देखने के बाद कि सरकार जनता के बीच लोकप्रिय हो गई है, मुख्यमंत्री और उनकी करीबी टीम शहरी स्थानीय निकाय चुनाव जल्द कराने के इच्छुक हैं।

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के.एन. नेहरू ने बयान में कहा, मुख्यमंत्री ने हमें नए नौ जिलों में ग्रामीण स्थानीय निकाय चुनावों के दो महीने बाद शहरी स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारी करने का निर्देश दिया है।

मंत्री के बयान के अनुसार, राज्य सरकार ग्रामीण स्थानीय निकायों को परेशान नहीं करेगी, जिन्होंने दिसंबर 2019 में पदभार ग्रहण किया था और ये निकाय अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे।

मंत्री ने कहा कि सरकार जल्द ही नगर पालिकाओं और निगमों का भी उन्नयन करेगी। द्रमुक सरकार पिछली अन्नाद्रमुक सरकार द्वारा किए गए परिसीमन का अध्ययन करने की कवायद भी कर रही है।

के.एन. नेहरू ने कहा कि पिछली सरकार द्वारा वाडरें के संबंध में अपनाई गई नीति के बारे में कई शिकायतें थीं और अधिक महिला आबादी वाले कई वार्ड सामान्य श्रेणी के थे, जबकि कम महिला आबादी वाले वार्ड महिला आरक्षण के अधीन थे।

2011 के बाद से तमिलनाडु में शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव नहीं हुए है और अन्नाद्रमुक सरकार ने 2016 के दौरान चुनाव कराने की कोशिश की थी जब मुख्यमंत्री जयललिता अस्पताल में भर्ती थीं लेकिन मद्रास उच्च न्यायालय ने प्रस्ताव को काट दिया था। कोर्ट ने तब देखा था कि अधिसूचना तमिलनाडु पंचायत (चुनाव) नियम 1995 के अनुपालन में नहीं थी।

द्रमुक ने भी अदालत का दरवाजा खटखटाया था कि तत्कालीन अन्नाद्रमुक सरकार द्वारा किया गया परिसीमन उचित नहीं था, इसके बाद नौ नए जिलों को छोड़कर दिसंबर 2019 में ग्रामीण स्थानीय निकायों के चुनाव हुए थे।

--आईएएनएस

एमएसबी/आरजेएस