जयपुर में छेड़खानी करने वालों की खैर नहीं, निर्भया दस्ता सिखाएगा सबक

जयपुर, 21 जुलाई (आईएएनएस)। जयपुर में महिला सुपर कॉप टीम-निर्भया स्क्वाड शहर में छेड़खानी की घटनाओं से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
 | 
जयपुर में छेड़खानी करने वालों की खैर नहीं, निर्भया दस्ता सिखाएगा सबक जयपुर, 21 जुलाई (आईएएनएस)। जयपुर में महिला सुपर कॉप टीम-निर्भया स्क्वाड शहर में छेड़खानी की घटनाओं से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

मोटरबाइक चलाने वाली और पिंक सिटी में पुलिसिंग में योगदान देने वाली सर्व-पुलिस महिला टीम सार्वजनिक परिवहन में भी निगरानी प्रदान करेगी। छेड़खानी करने वालों पर नजर रखने और रंगेहाथ पकड़े जाने पर उन्हें सबक सिखाने के लिए वे सादे कपड़ों में पहरे पर रहेंगी।

Bansal Saree

20-31 जुलाई तक चलाए जा रहे इस अभियान की टैगलाइन है- सो रहे हो तो जग जाए, महिलाओ के अधिकार के बारे में जान जाए।

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त और निर्भया दस्ते की नोडल अधिकारी सुनीता मीणा ने कहा, महिलाओं और लड़कियों को सार्वजनिक परिवहन, यानी बसों, मेट्रो, रेल, टेंपो, ऑटो-रिक्शा आदि में सुरक्षित महसूस कराने के लिए अपनी तरह का पहला अभियान चलाया जा रहा है। यह जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है ताकि महिलाओं के साथ कोई अभद्र व्यवहार न हो।

Devi Maa Dental

वर्दी में बसों में सफर कर रहीं निर्भया दस्ते की महिला कर्मी महिलाओं के हित में शुरू किए गए हेल्पलाइन नंबर की जानकारी लोगों को देंगी। साथ ही कुछ महिला कर्मी सादे वर्दी में बसों में यात्रा करेंगी और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करेंगी।

यह अपनी तरह का पहला अभियान है जहां जयपुर पुलिस का महिला निर्भया दस्ता महिलाओं और लड़कियों में विश्वास जगाने के लिए सार्वजनिक परिवहन में अभियान चलाएगा। अब तक निर्भया स्क्वॉड की टीम स्कूल, कॉलेज, मॉल आदि के आसपास उपद्रवियों पर नजर रखती रही है। हालांकि, अब निर्भया स्क्वॉड की टीम ने सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में एक नई भूमिका निभाई है।

मीना ने कहा, इस बार, हमने सार्वजनिक परिवहन पर सतर्कता बढ़ाने की योजना बनाई है क्योंकि सार्वजनिक परिवहन की सवारी करने वाली महिलाओं और लड़कियों को छेड़खानी के अभिशाप का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन वे कभी नहीं बोलती हैं और अपने घरों से बाहर निकलना बंद कर देती हैं। हम इन महिलाओं साहस देना चाहते हैं।

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राहुल प्रकाश ने मंगलवार को अभियान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

निर्भया दस्ते के सदस्य सिविल ड्रेस में बसों, ऑटो, मेट्रो आदि में यात्रा करेंगे, ताकि यात्रा के दौरान महिला यात्रियों को कितना सहज महसूस करती हैं, इसका प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हो सके।

वायरलेस सेट से लैस और यात्रियों के रूप में दो अन्य पुलिसकर्मी मौजूद होंगी और रंगेहाथ पकड़े जाने पर अपराधी को मौके पर ही हिरासत में ले लेंगी। उन्होंने कहा कि अन्य सदस्य शरीर पर लगे कैमरों के साथ यात्रा करेंगे।

निर्भया दस्ता अपने क्षेत्र में चलने वाले वाहनों की पूरी जानकारी एक रजिस्टर में रखेगा और संबंधित रूट ड्राइवर और कंडक्टर के बारे में जानकारी लिखेगा, और हर महीने इस जानकारी को लगातार अपडेट भी करेगा।

स्कूलों, कॉलेजों, मॉल या बस स्टॉप पर महिलाओं के सामने आने वाले किसी भी खतरे को दूर करने के लिए मार्शल आर्ट में प्रशिक्षित महिलाओं के साथ 2019 में बाइक सवार दस्ते का गठन किया गया था। सोशल डिस्टेंसिंग और घर में रहने का संदेश देने के लिए महिला कांस्टेबलों ने लॉकडाउन के दौरान कर्फ्यू प्रभावित क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला था।

--आईएएनएस

आरएचए/एएनएम