जम्मू-कश्मीर आतंकी साजिश मामला : एनआईए ने कई जगहों पर की छापेमारी, 4 गिरफ्तार

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जम्मू-कश्मीर में एक आतंकी साजिश के मामले में कई स्थानों पर छापेमारी की और चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
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जम्मू-कश्मीर आतंकी साजिश मामला : एनआईए ने कई जगहों पर की छापेमारी, 4 गिरफ्तार नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जम्मू-कश्मीर में एक आतंकी साजिश के मामले में कई स्थानों पर छापेमारी की और चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

एनआईए के एक अधिकारी ने यहां बुधवार को यह जानकारी दी।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान श्रीनगर के चट्टाबल निवासी वसीम अहमद सोफी; श्रीनगर के शेरगढ़ी निवासी तारिक अहमद डार; श्रीनगर निवासी बिलाल अहमद मीर और श्रीनगर के राजौरी कदल निवासी तारिक अहमद बफंडा के रूप में हुई है।

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मंगलवार को की गई छापेमारी इस सूचना की पृष्ठभूमि में की गई थी कि प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और अन्य आतंकी गुटों के गुर्गो द्वारा जम्मू-कश्मीर और दिल्ली सहित अन्य प्रमुख शहरों में हिंसक आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने की साजिश रची जा रही है। सूचना मिली थी कि एलईटी के अलावा जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम), हिज्ब-उल-मुजाहिदीन (एचएम), अल बद्र और इसी तरह के अन्य संगठन और उनके सहयोगी जैसे द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) और पीपल अगेंस्ट फासिस्ट फोर्सेस (पीएएफएफ) से जुड़े कुछ लोग आतंकवादी मंसूबों के साथ हमले की तैयारी कर रहे हैं।

एनआईए ने मामले के संबंध में 10 अक्टूबर को एफआईआर दर्ज की थी और जांच शुरू की थी।

आतंकवाद रोधी जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा, छापे के दौरान, कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, जिहादी दस्तावेज और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं।

एनआईए ने कहा कि इन संगठनों के आतंकवादी सहयोगी और ओवर ग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) पड़ोसी देश में स्थित अपने आकाओं और कमांडरों के साथ साजिश में शामिल थे और स्थानीय युवाओं को भर्ती करने और उन्हें हथियार, गोला-बारूद का प्रशिक्षण देने के उद्देश्य के अलावा उन्हें कट्टरपंथी बनाने में भी शामिल थे।

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बयान में कहा गया है, इन आतंकवादियों और कैडरों ने कई आतंकवादी कृत्यों को अंजाम दिया है, जिसमें कई निर्दोष नागरिकों और सुरक्षा कर्मियों की हत्याएं शामिल हैं, जिससे कश्मीर की घाटी में आतंक का राज कायम हो गया है, जिससे राज्य के अधिकार को चुनौती मिली है।

इसने आगे कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी व्यक्ति विभिन्न प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के आतंकवादी सहयोगी/ओजीडब्ल्यू हैं और आतंकवादियों को रसद और भौतिक सहायता प्रदान कर रहे हैं और उन्हें उनके नापाक मंसूबों में मदद कर रहे हैं।

जांच एजेंसी ने कहा, पूरी साजिश का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।

--आईएएनएस

एकेके/एएनएम