कांग्रेस सांसद वेणुगोपाल ने स्वास्थ्य राज्य मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव पेश किया

नई दिल्ली, 22 जुलाई (आईएएनएस)। कांग्रेस के सांसद के. सी. वेणुगोपाल ने केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री के संसद में दिए गए एक जवाब के खिलाफ राज्यसभा में विशेषाधिकार प्रस्ताव पेश किया है।
 | 
कांग्रेस सांसद वेणुगोपाल ने स्वास्थ्य राज्य मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव पेश किया नई दिल्ली, 22 जुलाई (आईएएनएस)। कांग्रेस के सांसद के. सी. वेणुगोपाल ने केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री के संसद में दिए गए एक जवाब के खिलाफ राज्यसभा में विशेषाधिकार प्रस्ताव पेश किया है।

संसद में स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने दो दिन पहले ही बयान दिया था कि देश में ऑक्सीजन की किल्लत से किसी की मृत्यु नहीं हुई है। केंद्र की ओर से संसद में दिए गए इस बयान पर जमकर हंगामा हुआ और विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोला है।

Bansal Saree

वेणुगोपाल द्वारा पवार के खिलाफ यह कहते हुए संसद को गुमराह करने के लिए राज्यसभा में एक विशेषाधिकार नोटिस दिया गया है, कि ऑक्सीजन की कमी के कारण किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में कोई मौत नहीं हुई।

मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए वेणुगोपाल ने कहा था कि यह एक अंधी और बेफिक्र सरकार है। लोगों ने देखा है कि ऑक्सीजन की कमी के कारण कितने अपनों की मौत हुई है।

Devi Maa Dental

वेणुगोपाल, जिनके सवाल पर स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने सदन में जवाब दिया था, उन्होंने कहा था कि सभी ने देखा है कि राष्ट्रीय राजधानी सहित कई राज्यों में ऑक्सीजन की कमी के कारण लोगों की मौत कैसे हुई।

उन्होंने कहा, दरअसल, मंत्री ने सदन को गुमराह किया है और मैं निश्चित रूप से उस मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस पेश करूंगा, क्योंकि मंत्री ने गलत जानकारी देकर सदन को गुमराह किया है।

सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा को सूचित किया कि कोविड की दूसरी लहर के दौरान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा विशेष रूप से ऑक्सीजन की कमी के कारण किसी की मौत की सूचना नहीं है।

पवार ने एक लिखित उत्तर में कहा था, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मौतों की रिपोटिर्ंग के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। तदनुसार, सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को नियमित आधार पर मामलों और मौतों की रिपोर्ट करते हैं। हालांकि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष रूप से ऑक्सीजन की कमी के कारण कोई मौत दर्ज नहीं की गई है।

--आईएएनएस

एकेके/आरजेएस