कर्नाटक में छेड़खानी पीड़ितों पर हमला, दलित संगठनों ने आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की

बेंगलुरु, 10 सितम्बर (आईएएनएस)। कर्नाटक के कोलार जिले के तादिगोल गांव में दलित लड़कियों और उनके परिवार के सदस्यों पर हमला करने के आरोप में अगड़ी जाति के लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर राज्य भर में दलित संगठनों द्वारा छेड़खानी का मामला सुर्खियों में है।
 | 
कर्नाटक में छेड़खानी पीड़ितों पर हमला, दलित संगठनों ने आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की बेंगलुरु, 10 सितम्बर (आईएएनएस)। कर्नाटक के कोलार जिले के तादिगोल गांव में दलित लड़कियों और उनके परिवार के सदस्यों पर हमला करने के आरोप में अगड़ी जाति के लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर राज्य भर में दलित संगठनों द्वारा छेड़खानी का मामला सुर्खियों में है।

7 सितंबर को लाठी-डंडों के एक समूह ने तीन दलित लड़कियों और उनके परिवार के सदस्यों पर हमला किया। हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

लड़कियों और उनके परिवार के सदस्यों को गंभीर चोटें आईं है। पुलिस ने अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक, लड़कियों ने पूर्व में छेड़खानी को लेकर आरोपी से सवाल किए थे। छेड़खानी का सिलसिला जारी रहा तो छह सितंबर को दो लड़कों की एक बस में पिटाई कर दी गई। वह वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।

Bansal Saree

इस बीच, दलित संगठन लड़कियों के समर्थन के लिए खुलकर सामने आए और आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और उन्होंने राज्य पुलिस विभाग से लड़कियों और उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया।

मैसूर से फेडरेशन के अध्यक्ष कार्य बसवन्ना ने मांग की है कि इसी तरह के हमले उत्तर प्रदेश और बिहार में दलितों पर पाए गए है। अब हम कर्नाटक में ऐसे हमले देख रहे हैं। पीड़ित दलित लड़कियों को सुरक्षा और मुआवजा प्रदान किया जाना चाहिए।

दलित अधिकार समिति, कर्नाटक राज्य उत्पीड़ित समुदाय मंच, कर्नाटक क्षेत्रीय किसान संघ, अखिल भारतीय अम्बेडकर सेना ने भी घटना की निंदा की है।

दलित नेता जयराजू ने कहा कि लड़कियां हर दिन बस से यात्रा करती हैं। वे छेड़खानी के शिकार होती है। वहीं उन्होंने लड़कियों और उनपर होने वाले हमले कि भी निंदा की और उन्होंने मांग की कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए।

Devi Maa Dental

दलित अधिकार समिति के आर. कृष्णा ने आरोप लगाया कि पुलिस विभाग सिर्फ एक मामला और एक जवाबी मामला दर्ज करके मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रहा है। इस मामले में सिर्फ दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है और बाकी 48 आरोपियों को भागने का मौका दिया गया है।

उन्होंने सभी आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की। आर कृष्णा ने कहा कि पुलिस को एससी-एसटी एक्ट के तहत शिकायत दर्ज करानी चाहिए। घायल व्यक्तियों को मुआवजा दिया जाना चाहिए और डर में जी रही लड़कियों को सुरक्षा का आश्वासन दिया जाना चाहिए।

--आईएएनएस

एमएसबी/आरजेएस