कर्नाटका शहर में हिंदू कार्यकर्ता चर्च में घुसे, धर्मांतरण का लगाया आरोप

उडुपी, 11 सितम्बर (आईएएनएस)। कर्नाटक के उडुपी जिले के तटीय शहर करकला में उस समय तनाव बढ़ गया, जब एक हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए प्रार्थना के समय एक चर्च में घुस गये।
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कर्नाटका शहर में हिंदू कार्यकर्ता चर्च में घुसे, धर्मांतरण का लगाया आरोप उडुपी, 11 सितम्बर (आईएएनएस)। कर्नाटक के उडुपी जिले के तटीय शहर करकला में उस समय तनाव बढ़ गया, जब एक हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए प्रार्थना के समय एक चर्च में घुस गये।

घटना शुक्रवार को हुई। करकला पुलिस ने दक्षिणपंथी हिंदू जागरण वेदिके के सदस्यों और एक चर्च के पुजारी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। करकला कस्बे और कुक्कंदूर गांव चर्च में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

पुलिस के अनुसार, हिंदू जागरण वेदिक के सदस्यों ने कुक्कंदूर गांव के एक चर्च में यह आरोप लगाया कि चर्च के अधिकारियों ने वहां 35 से अधिक हिंदुओं को धर्मांतरण के लिए इकट्ठा किया है। पुलिस ने चर्च के पादरी बेनेडिक्ट से कथित रूप से धर्म परिवर्तन करने के आरोप में पूछताछ की है।

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पुलिस सूत्रों ने कहा कि बेनेडिक्ट को धार्मिक सभा करने की अनुमति नहीं थी। इससे पहले उनके खिलाफ 15 जुलाई को धर्मांतरण कराने की मंशा से धार्मिक सभा आयोजित करने की शिकायत दर्ज कराई गई थी।

पुलिस ने पादरी को चेतावनी दी थी कि बिना अनुमति के इस तरह की गतिविधियां ना करें। हालांकि शुक्रवार को बिना अनुमति के कार्यक्रम आयोजित किया गया।

पुलिस ने प्रार्थना सभा में भाग लेने वाले एक मजदूर सुनील का भी बयान दर्ज किया है, जिसमें कहा गया है कि बेनेडिक्ट ने उसे चर्च की प्रार्थना में शामिल होने के लिए मजबूर किया।

पुलिस ने हिंदू जागरण वेदिक सदस्यों के खिलाफ बेनेडिक्ट द्वारा दायर शिकायत के आधार पर आईपीसी की धारा 143 (गैरकानूनी सभा), 147 (दंगा), 149 (गैरकानूनी सभा के दौरान किया गया अपराध), 504 (जानबूझकर अपमान), 506 (आपराधिक धमकी) और 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया है।

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आरोप था कि चर्च के अंदर घुसकर कार्यकर्ताओं ने महिलाओं के साथ बदसलूकी की, इसलिए पुलिस ने आईपीसी 354 (महिलाओं पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग) के तहत भी मामला दर्ज किया है।

पुलिस ने बेनेडिक्ट के खिलाफ धारा 295 (जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से) और 298 (किसी भी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से शब्द आदि कहना) के तहत मामला दर्ज किया है।

--आईएएनएस

एचके/एएनएम