कभी शान से खुद को डॉन बताने वाले, अब मांग रहे हैं जान की भीख

लखनऊ, 8 सितम्बर (आईएएनएस)। जो कभी शान से खुद को डॉन कहलवाते थे, जिनको अपने काले-कारनामों पर गुरूर होता था, आज के यूपी में वे सब अपनी-अपनी जान की भीख मांग रहे हैं और भागे-भागे फिर रहे हैं। कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीरो टॉलरेंस की रणनीति का असर धरातल पर भी दिख रहा है।
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कभी शान से खुद को डॉन बताने वाले, अब मांग रहे हैं जान की भीख लखनऊ, 8 सितम्बर (आईएएनएस)। जो कभी शान से खुद को डॉन कहलवाते थे, जिनको अपने काले-कारनामों पर गुरूर होता था, आज के यूपी में वे सब अपनी-अपनी जान की भीख मांग रहे हैं और भागे-भागे फिर रहे हैं। कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीरो टॉलरेंस की रणनीति का असर धरातल पर भी दिख रहा है।

पुलिस ने प्रदेश के बाद जिले स्तर पर भी डॉन बनने वाले 1,800 आपराधिक माफिया को चिह्न्ति किया है और इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है, ताकि जिले स्तर पर भी कानून व्यवस्था बनी रहे। पुलिस कुर्की से लेकर संपत्ति तक जब्त कर बदमाशों की कमर तोड़ रही है। ऐसे करीब ढाई अरब रुपये की अवैध संपत्ति को पुलिस ने जब्त किया है।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था को लेकर पहले ही अपनी प्रतिबद्धता जता दिया था कि अपराधियों के लिए प्रदेश में जगह नहीं है। वह जेल में रहेंगे या प्रदेश के बाहर। प्रदेश स्तर पर बड़े माफिया पर शिकंजा कसते हुए जिले स्तर पर भी बड़े और आदतन अपराधियों को आपराधिक माफिया के रूप में चिह्न्ति किया गया है।

पुलिस के विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले स्तर पर जुलाई तक करीब 800 आपराधिक माफिया को चिह्न्ति किया गया है और आठ हजार से ज्यादा मुकदमे दर्ज कर 668 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इतना ही नहीं, पुलिस ने मुठभेड़ में तीन आपराधिक माफिया को मार भी गिराया है। साथ ही 12 आरोपियों की कुर्की करते हुए 25 आरोपियों पर रासुका लगाया है और 567 आरोपियों पर गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्यवाही की गयी है।

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सूक्ष्म स्तर पर ही की जा रही सख्त कार्यवाही पुलिस ने जिले स्तर पर कानून व्यवस्था में रोड़ा बन रहे आदतन 233 आपराधिक माफिया पर गुंडा एक्ट के तहत कार्यवाही की है और 11 शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। इसके अलावा ऐसे 382 आपराधिक माफिया की हिस्ट्रीशीट भी खोली गई है और 274 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

मिली सूची के अनुसार गाजीपुर जिले के युसूफपुर मोहम्दाबाद निवासी मुख्तार अंसारी, प्रयागराज जिले के खुल्दाबाद थाना क्षेत्र निवासी अतीक अहमद, वाराणसी जिले के चौबेपुर निवासी बृजेश कुमार सिंह उर्फ अरुण कुमार सिंह, लखनऊ जिले के हसनगंज निवासी ओमप्रकाश उर्फ बब्लू श्रीवास्तव, बिजनौर जिले के स्योहारा थाना क्षेत्र निवासी मुनीर, अंबेडकरनगर जिले के हंसवार थानाक्षेत्र निवासी खान मुबारक, गाजियाबाद जिले के लोनी निवासी अमित कसाना, शामली जिले के आदर्श मंडी निवासी आकाश जाट, मेरठ जिले के सरूरपुर निवासी उधम सिंह, मेरठ जिले के सरूरपुर निवासी योगेश भदौड़ा, बागपत जिले के बड़ौत निवासी अजीत उर्फ हप्पू, मुजफ्फरनगर जिले के रतनपुर निवासी सुशील उर्फ मूंछ, मुजफ्फरनगर जिले के कोतवाली निवासी संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा, गौतमबुद्धनगर जिले के कासना निवासी सुन्दर भाटी उर्फ नेताजी, गौतमबुद्धनगर जिले के कासना निवासी अनिल भाटी, गौतमबुद्धनगर जिले के बादलपुर निवासी अनिल दुजाना उर्फ अनिल नागर, गौतमबुद्धनगर जिले के दनकौर निवासी सिंघराज भाटी, गौतमबुद्धनगर जिले के जारचा निवासी अंकित गुर्जर, वाराणसी जिले के कोतवाली निवासी सुभाष सिंह ठाकुर, आजमगढ़ जिले के जीयनपुर निवासी ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सिंह, गाजीपुर जिले के मुहम्मदाबाद उमेश राय उर्फ गौरा राय, गाजीपुर जिले के सैदपुर निवासी त्रिभुवन सिंह उर्फ पवन कुमार, लखनऊ जिले के कैंट निवासी मो. सलीम, लखनऊ जिले के कैंट निवासी मो. सोहराब और लखनऊ जिले के कैंट निवासी मो. रुस्तम हैं।

एडीजी कानून व्यवस्था प्रशान्त कुमार का कहना है कि कानून व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए सूक्ष्म स्तर पर ही सख्त कार्यवाही की जा रही है, ताकि कानून का खौफ हर किसी में हो। अपराधियों के खिलाफ यह कार्यवाही अनवरत चलती रहेगी।

--आईएएनएस

विकेटी/आरजेएस