एमपी मेें लवजिहाद और धर्मांतरण रोकने को शिवराज सरकार लागू करेगी नया कानून, देखिए क्या है नए कानून का प्रस्ताव, इस खबर में…

न्यूज टुडे नेटवर्क। लवजिहाद और धर्मांतरण रोकने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने नया कानून लाने की पहल की है। एमपी की शिवराल सरकार ने नए कानून के बारे में जानकारी साझा की है। इस नए कानून में जबरन धर्मांतरण कराने पर पांच साल की सजा का प्रावधान होगा। साथ ही स्वैच्छिक रूप से यदि
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एमपी मेें लवजिहाद और धर्मांतरण रोकने को शिवराज सरकार लागू करेगी नया कानून, देखिए क्या  है नए कानून का प्रस्ताव, इस खबर में…

न्‍यूज टुडे नेटवर्क। लवजिहाद और धर्मांतरण रोकने के लिए मध्‍य प्रदेश सरकार ने नया कानून लाने की पहल की है। एमपी की शिवराल सरकार ने नए कानून के बारे में जानकारी साझा की है। इस नए कानून में जबरन धर्मांतरण कराने पर पांच साल की सजा का प्रावधान होगा। साथ ही स्‍वैच्‍छिक रूप से यदि कोई धर्म परिवर्तन करना चाहता है तो एक माह पहले प्रशासन को अर्जी देकर अनुमति प्राप्‍त करनी होगी। कानून मेें कई कड़़े़ नियम लागू होंगेेे।

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मध्यप्रदेश में लव जिहाद को लेकर अब गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मध्यप्रदेश में लगातार सामने आ रहे लव जिहाद के मामलों को रोकने के लिए मध्यप्रदेश शासन नया कानून लागू करेगा। सरकार इसे लेकर धर्म स्वातंत्र्य कानून बना रही है। इसके लिए आगामी विधानसभा सत्र में विधेयक लाया जाएगा। कानून लाए जाने के बाद गैर जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा और 5 साल की कठोरतम सजा दी जाएगी। इसमें बहकाकर, प्रलोभन और डराना-धमकाना अपराध होगा।

गृहमंत्री ने लव जिहाद कानून को लेकर कहा कि इसके तहत गैर जमानती धाराओं में केस दर्ज किया जाएगा और 5 साल तक की सजा का प्रावधान रहेगा। उन्होंने कहा कि लव जिहाद जैसे मामलों में सहयोग करने वालों को भी मुख्य आरोपी बनाया जाएगा। उन्हें अपराधी मानते हुए मुख्य आरोपी की तरह ही सजा होगी। वहीं उन्होंने कहा कि शादी के लिए धर्मांतरण कराने वालों को भी सजा देने का प्रावधान इस कानून में रहेगा।

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स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन के लिए एक महीने पहले आवेदन देना होगा। कई मामलों में देखा गया है कि युवतियां स्वेच्छा से धर्मांतरण कर शादी करना चाहती है। ऐसे मामलों को देखते हुए कानून में यह भी प्रावधान होगा कि अगर कोई स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन शादी के लिए करना चाहता है, तो उसे एक महीने पहले कलेक्टर के यहां आवेदन देना होगा। धर्मांतरण कर शादी करने के लिए कलेक्टर के यहां यह आवेदन देना अनिवार्य होगा और बिना आवेदन के अगर धर्मांतरण किया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।