इजरायल में ओमिक्रॉन के नए वेरिएंट के 20 मामलों का पता चला

यरुशलम, 14 जनवरी (आईएएनएस)। पूरा विश्व अभी कोरोना के डेल्टा वेरिएंट से उबरा नहीं था कि एक और वेरिएंट ओमिक्रोन के मामले नवंबर के बाद से सारी दुनिया में देखे गए थे। इस समय दुनिया के 120 से अधिक देशों में ओमिक्रोन अपनी असर दिखा रहा है लेकिन अब इजरायल में ओमिक्रोन के एक नए वेरिएंट के लगभग 20 मामलों का पता लगाया गया है।
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इजरायल में ओमिक्रॉन के नए वेरिएंट के 20 मामलों का पता चला यरुशलम, 14 जनवरी (आईएएनएस)। पूरा विश्व अभी कोरोना के डेल्टा वेरिएंट से उबरा नहीं था कि एक और वेरिएंट ओमिक्रोन के मामले नवंबर के बाद से सारी दुनिया में देखे गए थे। इस समय दुनिया के 120 से अधिक देशों में ओमिक्रोन अपनी असर दिखा रहा है लेकिन अब इजरायल में ओमिक्रोन के एक नए वेरिएंट के लगभग 20 मामलों का पता लगाया गया है।

इस नए ओमिक्रोन वेरिएंट की बीए.2 के रूप में पहचान की गई है और इसका पता कोविड रोगियों के आनुवंशिक अनुक्रमण के दौरान लगा है । इसमें मूल ओमिक्रोन की तुलना में अधिक उत्परिवर्तन पाए गए हैं और यह अधिक हिंसक हो सकता है। इसका पता कुछ हफ्तों पहले चीन में सबसे पहले लगा था।

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वैज्ञानिक इसके बारे में काफी चितित हैं और अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि यह कितना खतरनाक है।जेरूसलम पोस्ट ने बताया कि इजराइल के स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि अभी तक इस बात का कोई सबूत नहीं है कि बीए.2ओमिक्रोन की तुलना में अलग व्यवहार करता है।

सरकारी मीडिया कान ने बताया कि बीए.2 को पहली बार कुछ ह़फ्ते पहले चीन में देखा गया था, और यह डेनमार्क, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और सिंगापुर में भी देखा गया है।

इजराइल में पिछले सप्ताह में ओेमिक्रोन मामलों में एक नया रिकॉर्ड देखा गया है,जो एक दिन में 12,000 से बढ़कर 48,000 हो गए हैं।

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पहले गंभीर मरीजों की संख्या सीमित थी लेकिन इसके बाद गंभीर मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। एक सप्ताह पहले के 136 की तुलना में गुरुवार ऐसे मरीजों की संख्या 283 दर्ज की गई थी। इसके अलावा, पिछले सात दिनों में 284 नए रोगियों को गंभीर के रूप में वगीर्कृत किया गया था, जो पिछले सप्ताह की तुलना में 189 प्रतिशत की वृद्धि है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, ओमिक्रॉन (पैंगो वंश बी.1.1.529) में तीन उप वेरिएंट (बीए.1, बीए.2 और बीए.3) शामिल हैं। जबकि बीए.1 और बीए.3 में स्पाइक प्रोटीन में 69-70 विलोपन हुआ है लेकिन बीए.2 में ऐसा कोई भी विलोपन नहीं देखा गया है।

हाल ही में, भारत में जैव प्रौद्योगिकी विभाग के भारतीय सार्स कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (इंसाकोग) के वैज्ञानिकों ने भी देश में किए गए जीनोम परीक्षणों में बीए.1 और बीए.2 दोनों की महत्वपूर्ण उपस्थिति का उल्लेख किया है।

बीए .1 विशेष रूप से, डेल्टा के साथ सह-परिसंचरण कर रहा है और यह महाराष्ट्र और कई अन्य राज्यों में डेल्टा का स्थान ले रहा है मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि देश में अब तक बीए.3 का पता नहीं चला है।

--आईएएनएस

जेके