आईआईटी दिल्ली समर बूट कैंप के जरिए स्कूली छात्रों को मिला डू-इट-योरसेल्फ का चांस

नई दिल्ली, 23 जून (आईएएनएस)। देश के सबसे विख्यात एवं प्रतिष्ठित उच्च शिक्षा संस्थानों में से एक आईआईटी दिल्ली ने स्कूली छात्रों के लिए समर बूट कैंप आयोजित किया है। आईआईटी दिल्ली का यह समर बूट कैंप चेंज.मेकर्स नाम से डू-इट-योरसेल्फ की तर्ज पर है। यहां स्कूली छात्रों ने वायु प्रदूषण मॉनिटर, ²ष्टिबाधित लोगों के लिए चिकित्सा उपकरण व स्मार्ट फर्नीचर जैसी परियोजनाओं पर काम किया है।
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आईआईटी दिल्ली समर बूट कैंप के जरिए स्कूली छात्रों को मिला डू-इट-योरसेल्फ का चांस नई दिल्ली, 23 जून (आईएएनएस)। देश के सबसे विख्यात एवं प्रतिष्ठित उच्च शिक्षा संस्थानों में से एक आईआईटी दिल्ली ने स्कूली छात्रों के लिए समर बूट कैंप आयोजित किया है। आईआईटी दिल्ली का यह समर बूट कैंप चेंज.मेकर्स नाम से डू-इट-योरसेल्फ की तर्ज पर है। यहां स्कूली छात्रों ने वायु प्रदूषण मॉनिटर, ²ष्टिबाधित लोगों के लिए चिकित्सा उपकरण व स्मार्ट फर्नीचर जैसी परियोजनाओं पर काम किया है।

एक महीने की लंबी अवधि तक चले आईआईटी दिल्ली के इस चेंज.मेकर्स बूट कैंप में भाग लेने वाले स्कूली छात्र 24 जून को अपने प्रोजेक्ट प्रोटोटाइप का प्रदर्शन करेंगे। स्कूलों की कक्षा 11 वीं और 12 वीं के छात्र आईआईटी दिल्ली परिसर के भीतर अत्याधुनिक सुविधाओं का उपयोग अपने प्रभावशाली आइडिया को वास्तविकता में बदलने का कार्य करने में शामिल थे।

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आईआईटी दिल्ली में डिजिटल निर्माण तकनीकों में रैपिड प्रोटोटाइप-आधारित प्रशिक्षण के साथ गैर-आवासीय समर बूट कैंप का आयोजन 23 मई से 24 जून 2022 तक किया जा रहा है। छात्रों का प्रशिक्षण आईआईटी दिल्ली स्थित मेकर्सस्पेस में हुआ, जो की एक डू-इट-योरसेल्फ सुविधा केंद्र है। प्रशिक्षण के बाद, छात्र कुछ उच्च प्रभाव वाली सामाजिक समस्याओं को संबोधित करने के उद्देश्य से परियोजनाओं के निर्माण के लिए बूट कैंप के समापन तक आईआईटी दिल्ली की सुविधाओं का लाभ उठाना जारी रखेंगे।

परियोजनाओं की प्रकृति में समस्या के लिए इलेक्ट्रो-मैकेनिकल प्रोटोटाइप बनाना शामिल है। जिस तरह की परियोजनाएं संभव हैं, उनमें वायु प्रदूषण मॉनिटर बनाने से लेकर ²ष्टिबाधित लोगों के लिए एक चिकित्सा उपकरण से लेकर स्मार्ट फर्नीचर आदि शामिल हैं।

समर बूट कैंप के समन्वयक, प्रोफेसर जय धारीवाल ने कहा, हम 11 वीं और 12 वीं कक्षा के छात्रों, जिन्हें हम चेंजमकेर्स मानते हैं, से आग्रह किया कि वह अपनी रुचियों और कौशल का उपयोग समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए करें। टिंकरिंग पर सरकार की पहल ने स्कूली छात्रों में नवाचार की संस्कृति और समस्या समाधान की मानसिकता पैदा करने में मदद की है। समर बूट कैंप ने इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध चयनित छात्रों को विश्व स्तरीय अनुसंधान और विकास सुविधाएं और मेंटरशिप प्रदान किया ताकि वे अपने प्रभावशाली उत्पादों और समाधानों को कार्यान्वयन के करीब पहुंचा सके।

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बूट कैंप आईआईटी ने इन स्कूली छात्रों को मेंटर करने का अवसर दिया। ये बूट कैंप संस्थान और देश के भीतर डू-इट-योरसेल्फ संस्कृति को और मजबूत करेगा।

प्रो. पृथा चंद्रा, सह संकायाध्यक्ष, अकादमिक आउटरीच एंड न्यू इनिशिएटिवस, आईआईटी दिल्ली ने कहा, आईआईटी दिल्ली विज्ञान को लोकप्रिय बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, और इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, हाल ही में हाई स्कूल के छात्रों के लिए मासिक व्याख्यान श्रृंखला सांइस टेक स्पिन और छात्राओं के लिए स्टेम मेंटरशिप प्रोग्राम सहित कई आउटरीच पहल का प्रस्ताव किया। हमें उम्मीद है कि समर बूट कैंप उन संबंधों को और मजबूत करने में मदद करेगा जो आईआईटी दिल्ली के संकाय और छात्रों ने विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से स्कूली छात्रों के साथ स्थापित किये हैं।

--आईएएनएस

जीसीबी/एएनएम