अफगानिस्तान में बहुत अलग एजेंडे के साथ काम कर रहीं ताकतें हैं : जयशंकर

नई दिल्ली, 15 जुलाई (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को कहा कि अफगानिस्तान का भविष्य उसका अतीत नहीं हो सकता। दुनिया हिंसा और बल द्वारा सत्ता पर कब्जा किए जाने के खिलाफ है और वह इस तरह के कार्यो को वैध नहीं ठहराएगी।
 | 
अफगानिस्तान में बहुत अलग एजेंडे के साथ काम कर रहीं ताकतें हैं : जयशंकर नई दिल्ली, 15 जुलाई (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को कहा कि अफगानिस्तान का भविष्य उसका अतीत नहीं हो सकता। दुनिया हिंसा और बल द्वारा सत्ता पर कब्जा किए जाने के खिलाफ है और वह इस तरह के कार्यो को वैध नहीं ठहराएगी।

दुशांबे, ताजिकिस्तान में अफगानिस्तान पर एससीओ विदेश मंत्रियों के संपर्क समूह की बैठक में अपने संबोधन में, जयशंकर ने यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया कि काबुल के पड़ोसियों को आतंकवाद, अलगाववाद और अतिवाद से खतरा नहीं है।

Bansal Saree

जयशंकर ने कहा, चुनौती इन मान्यताओं पर गंभीरता से और ईमानदारी से कार्य करना है। क्योंकि एक बहुत ही अलग एजेंडे के साथ काम करने वाली ताकतें हैं। दुनिया हिंसा और बल द्वारा सत्ता की जब्ती के खिलाफ है। यह इस तरह के कार्यों को वैध नहीं करेगा।

उन्होंने नागरिकों और राज्य के प्रतिनिधियों के खिलाफ हिंसा और आतंकवादी हमलों को रोकने का भी आह्वान किया और राजनीतिक बातचीत के माध्यम से और सभी जातीय समूहों के हितों का सम्मान करके संघर्ष को निपटाने के लिए कहा।

Devi Maa Dental

विदेश मंत्री ने कहा कि दुनिया, क्षेत्र और अफगान लोग सभी एक स्वतंत्र, तटस्थ, एकीकृत, शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और समृद्ध राष्ट्र चाहते हैं।

उन्होंने ट्वीट किया, गंभीरता से शांति वार्ता ही एकमात्र उत्तर है। एक स्वीकार्य समझौता जो दोहा प्रक्रिया, मॉस्को प्रारूप और इस्तांबुल प्रक्रिया को दर्शाता है, आवश्यक है। अफगानिस्तान का भविष्य उसका अतीत नहीं हो सकता।

जयशंकर ने कहा, एक पूरी नई पीढ़ी की अलग-अलग उम्मीदें होती हैं। हमें उन्हें निराश नहीं करना चाहिए।

दोहा प्रक्रिया, मास्को प्रारूप और इस्तांबुल प्रक्रिया अफगानिस्तान में संघर्ष को हल करने के लिए बातचीत के लिए अलग-अलग रूपरेखा हैं।

एससीओ विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक में भाग लेने के लिए विदेश मंत्री सिरोजिद्दीन मुहरिद्दीन के निमंत्रण पर जयशंकर ताजिकिस्तान के दो दिवसीय दौरे पर हैं। बैठक में संगठन की उपलब्धियों पर चर्चा की गई, क्योंकि यह इस वर्ष अपने गठन की 20वीं वर्षगांठ मना रहा है।

यह 16-17 सितंबर 2021 को दुशांबे में आगामी एससीओ काउंसिल ऑफ स्टेट्स ऑफ स्टेट्स की तैयारी का आकलन करेगा और वर्तमान अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेगा।

--आईएएनएस

एसजीके