पाक ने चीन पर जताया भरोसा, लेकिन कहा- यह फ्री लंच नहीं

कोलंबो, 14 जुलाई (आईएएनएस)। श्रीलंका के लिए पाकिस्तान के उच्चायुक्त मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) मुहम्मद साद खट्टक ने अपने देश के लिए चीन के समर्थन पर विश्वास व्यक्त किया, लेकिन चेतावनी भी दी है कि श्रीलंका और उनके जैसे देशों को अन्य देशों से विस्तारित समर्थन के बारे में सावधान रहना चाहिए।
 | 
पाक ने चीन पर जताया भरोसा, लेकिन कहा- यह फ्री लंच नहीं कोलंबो, 14 जुलाई (आईएएनएस)। श्रीलंका के लिए पाकिस्तान के उच्चायुक्त मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) मुहम्मद साद खट्टक ने अपने देश के लिए चीन के समर्थन पर विश्वास व्यक्त किया, लेकिन चेतावनी भी दी है कि श्रीलंका और उनके जैसे देशों को अन्य देशों से विस्तारित समर्थन के बारे में सावधान रहना चाहिए।

उच्चायुक्त ने कहा, पाकिस्तान-चीन संबंध या श्रीलंका-चीन संबंध, हम चीनी सरकार के साथ जो भी संबंध कर रहे हैं, मुझे लगता है कि बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि हमारा नेतृत्व इसे कैसे संभालता है।

उच्चायुक्त से पूछा गया था कि क्या श्रीलंका और पाकिस्तान जैसे देश चीन की जाल में फंस गए हैं, जो इस क्षेत्र में महाशक्ति के रूप में उभर रहा है।

Bansal Saree

उच्चायुक्त ने कहा, हमारे देश अन्य देशों से दिए गए समर्थन को लेकर जागरूक हैं। हमने यह भी देखा है कि हमारे देशों को कुछ अन्य देशों से समर्थन मिला है और योजनाएं जुड़ी हुई हैं।

उन्होंने कहा कि श्रीलंका ने अन्य देशों के साथ कुछ समझौते छोड़े हैं, क्योंकि समझौते श्रीलंका के अनुकूल नहीं थे। हालांकि ये समझौते बड़े राष्ट्रों की ओर से पेश किए गए थे।

उन्होंने कहा, हमारे देश के लिए कई चीजें ऑफर की गई हैं। वे अक्सर बहुत आकर्षक हैं। लेकिन हमने पाया कि वे हमारी संप्रभुता से समझौता कर रहे हैं, इसलिए हमने उन्हें नहीं चुना। चीनी समर्थन से मुझे लगता है कि ऐसा कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा है।

हालांकि, खट्टक ने कहा, फिर भी हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि कहीं भी फ्री लंच नहीं मिलता है।

Devi Maa Dental

भारत और पाकिस्तान के बीच जम्मू-कश्मीर पर विवाद के बारे में पूछे जाने पर, उच्चायुक्त ने कहा कि उनका देश संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के साथ खड़ा है, लेकिन भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का उल्लंघन करते हुए क्षेत्र में एकतरफा बदलाव किया है।

उन्होंने कहा, मेरा संदर्भ उन चुनौतियों का है जो अवैध रूप से कब्जे वाले राज्य जम्मू और कश्मीर की स्थिति को बदलने से उत्पन्न हुई हैं।

--आईएएनएस

आरएचए/आरजेएस