श्रीलंका कैथोलिक चर्च ईस्टर संडे धमाकों को जिनेवा में यूएनएचआरसी में उठाएगा

कोलंबो, 9 सितम्बर (आईएएनएस)। श्रीलंका के कैथोलिक चर्च ने 2019 ईस्टर संडे बम विस्फोटों के लिए न्याय करने में सरकारों की विफलता के खिलाफ जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) से शिकायत करने का संकल्प लिया है।
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श्रीलंका कैथोलिक चर्च ईस्टर संडे धमाकों को जिनेवा में यूएनएचआरसी में उठाएगा कोलंबो, 9 सितम्बर (आईएएनएस)। श्रीलंका के कैथोलिक चर्च ने 2019 ईस्टर संडे बम विस्फोटों के लिए न्याय करने में सरकारों की विफलता के खिलाफ जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) से शिकायत करने का संकल्प लिया है।

यूएनएचआरसी तमिल टाइगर विद्रोहियों के खिलाफ तीन दशक लंबे युद्ध के दौरान किए गए कथित अपराधों पर श्रीलंका की भी जांच कर रहा है।

13 सितंबर से शुरू होने वाले यूएनएचआरसी के 48वें सत्र में श्रीलंका पर चर्चा होगी।

आर्कबिशप मैल्कम कार्डिनल रंजीत ने बुधवार को मीडिया से कहा कि वह अंतर्राष्ट्रीय से न्याय मांगेंगे, क्योंकि सरकार सच्चाई को छिपाने की कोशिश कर रही है।

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चर्च कैबिनेट के प्रवक्ता की इस घोषणा पर प्रतिक्रिया दे रहे थे कि प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे गुरुवार को इटली जाएंगे और पोप फ्रांसिस से मुलाकात कर उन्हें बम विस्फोटों की जांच के बारे में जानकारी देंगे, जिसमें 269 लोग मारे गए और 500 से अधिक लोग घायल हुए थे।

सरकार वेटिकन को गुमराह करने और ईस्टर संडे हमले के पीछे की सच्चाई को छिपाने की कोशिश कर रही है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर छिपना बचकाना है।

कार्डिनल रंजीत ने कहा, हम इस सरकार को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को धोखा देने की अनुमति नहीं दे सकते। अगर सरकार अंतर्राष्ट्रीय जा रही है, तो हम भी अंतर्राष्ट्रीय जा रहे हैं।

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कोलंबो महाधर्मप्रांत के प्रमुख ने खुलासा किया कि उन्होंने वेटिकन को जांच की धीमी गति के बारे में पहले ही सूचित कर दिया है और वेटिकन ने अपने प्रतिनिधि के माध्यम से जिनेवा में शिकायत करने का बीड़ा उठाया है।

हालांकि बुधवार को चर्च के कड़े जवाब के कुछ घंटों बाद, सरकार ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री पोप से नहीं मिलेंगे और ना ही वेटिकन सिटी जाएंगे।

विदेश मंत्री दिनेश गुणवर्धन ने एक बयान में कहा, प्रधानमंत्री ने किसी भी स्तर पर अनुरोध नहीं किया है और ना ही उन्हें परम पावन, पोप के साथ दर्शकों के लिए वेटिकन जाने का निमंत्रण मिला है।

पिछले महीने, चर्च ने शिकायत की थी कि श्रीलंका के सैन्य बुद्धिजीवियों के एक वर्ग के 2019 के आत्मघाती हमलावरों के साथ संबंध थे, जिनके इस्लामिक स्टेट आतंकी समूह के साथ संबंध होने का संदेह था।

कार्डिनल रंजीत ने सैन्य बुद्धिमान और आत्मघाती हमलावरों के बीच एक कथित संबंध के बारे में शिकायत की थी जो कि समन्वित आत्मघाती बम विस्फोटों में राष्ट्रपति जांच आयोग (पीसीओआई) के दौरान सामने आया था।

कार्डिनल ने यह भी कहा था कि भारतीय खुफिया एजेंसियों ने बार-बार तारीख सहित हमले के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की थी, लेकिन श्रीलंकाई सेना ने नरसंहार को रोकने के लिए कार्रवाई नहीं की थी।

--आईएएनएस

एचके/आरजेएस