राजस्थान में 21 दिव्यांग जोड़े परिणय सूत्र में बंधे, लोगों से टीकाकरण कराने की अपील

जयपुर, 11 सितंबर (आईएएनएस)। वंचितों की मदद कर रहे राजस्थान के नारायण सेवा संस्थान (एनएसएस) ने शनिवार को उदयपुर में 36वें सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया, जहां 21 दिव्यांग जोड़ों ने लोगों से आग्रह करते हुए दहेज के खिलाफ प्रतिज्ञा की और शादी के बंधन में बंध गए। उन्होंने लोगों से कोविड टीका लगवाने की अपील की।
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राजस्थान में 21 दिव्यांग जोड़े परिणय सूत्र में बंधे, लोगों से टीकाकरण कराने की अपील जयपुर, 11 सितंबर (आईएएनएस)। वंचितों की मदद कर रहे राजस्थान के नारायण सेवा संस्थान (एनएसएस) ने शनिवार को उदयपुर में 36वें सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया, जहां 21 दिव्यांग जोड़ों ने लोगों से आग्रह करते हुए दहेज के खिलाफ प्रतिज्ञा की और शादी के बंधन में बंध गए। उन्होंने लोगों से कोविड टीका लगवाने की अपील की।

एनएसएस द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह समारोह सभी कोविड-19 दिशानिर्देशों का पालन करते हुए आयोजित किया गया। दिव्यांग जोड़ों ने परिवार के सदस्यों और दानदाताओं से मिले उपहार ग्रहण किए।

शादी के बंधन में बंधने वालों में उदयपुर का 26 वर्षीय रोशन लाल भी शामिल है, जो राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (आरईईटी) की तैयारी कर रहा है। एनएसएस के मार्गदर्शन में आरईईटी की तैयारी कर रहे लाल समारोह में कमला कुमारी (32) के साथ शादी के बंधन में बंध गए।

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लाल ने कहा, नारायण सेवा संस्थान मेरे लिए ताकत का स्तंभ रहा है, क्योंकि इसने मुझे जीवन में एक दिशा खोजने में मदद की। मुझे यकीन है कि मैं किसी दिन एक अच्छा शिक्षक बन पाऊंगा।

एनएसएस के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने कहा, 36वां दिव्यांग सामूहिक विवाह समारोह एक ऐसा आयोजन है जो हमारे दिल के बहुत करीब है। जैसे ही हम अपने प्रमुख अभियान से नो टू दहेज के 19वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं, हमें खुशी है कि हमारे प्रयासों ने भुगतान किया है और संगठन ने अब तक 2109 जोड़ों को एक सुखी और समृद्ध वैवाहिक जीवन जीने में मदद की है।

उन्होंने कहा, वर्षो से हम नि: शुल्क सुधारात्मक सर्जरी, राशन किट का वितरण, विकलांगों के लिए अंगों का संचालन, कौशल विकास कक्षाएं आयोजित करना और सामूहिक विवाह समारोहों के साथ-साथ अलग-अलग लोगों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिभा विकास गतिविधियों का आयोजन कर रहे हैं।

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टाटा मोटर्स में कार्यरत सूरत निवासी मनोज कुमार ने समारोह में संत कुमारी के साथ विवाह बंधन में बंध गए।

एनएसएस द्वारा पैर के ऑपरेशन की सुविधा वाले कुमार ने कहा, मैं संस्थान के माध्यम से अपने जीवनसाथी को पाकर बेहद खुश हूं।

शादी के बाद, संत कुमारी अब अपने सिलाई कौशल का उपयोग करके आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने के लिए अपना स्टार्टअप शुरू करना चाहती हैं।

उन्होंने कहा, विकलांग व्यक्ति चाहते हैं कि समाज में उनके साथ समान व्यवहार किया जाए।

कई राज्यों के जोड़े शादी में सहायता के लिए एनएसएस से संपर्क करते हैं। कोविड-19 महामारी के कारण, एनएसएस ने इस साल पांच राज्यों के जोड़ों को शॉर्टलिस्ट किया।

--आईएएनएस

एसजीके/एएनएम