मैसूर गैंगरेप मामले का सातवां आरोपी पकड़ा गया

मैसूर, 8 सितम्बर (आईएएनएस)। पुलिस सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी कि मैसूर सामूहिक बलात्कार की जांच कर रही कर्नाटक पुलिस ने मामले के सातवें आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
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मैसूर गैंगरेप मामले का सातवां आरोपी  पकड़ा गया मैसूर, 8 सितम्बर (आईएएनएस)। पुलिस सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी कि मैसूर सामूहिक बलात्कार की जांच कर रही कर्नाटक पुलिस ने मामले के सातवें आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा और आगे की जांच के लिए उसकी हिरासत मांगी जाएगी।

आरोपी को मंगलवार देर रात तमिलनाडु से गिरफ्तार कि गया था। पुलिस विभाग ने अन्य सह-आरोपियों के सुराग के आधार पर उसे पकड़ने के लिए एक विशेष टीम नियुक्त की थी। 7वें आरोपी ने अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया था और 24 अगस्त को हुए अपराध के बाद चामुंडी पहाड़ियों की तलहटी के पास एक सुनसान जगह पर छुप गया था।

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तमिलनाडु में तैनात पुलिस अधिकारियों ने उसके रिश्तेदारों, परिवार के सदस्यों और दोस्तों पर कड़ी नजर रखी और आखिरकार उसे पकड़ने में कामयाब रहे।

अन्य छह आरोपियों को मंगलवार को तीसरी जेएमएफसी अदालत में पेश किया जा चुका है क्योंकि उनकी 10 दिन की पुलिस हिरासत समाप्त हो गई है।

अदालत ने पांच आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आरोपियों को मैसूर सेंट्रल जेल भेज दिया गया है, जबकि एक नाबालिग आरोपी को किशोर गृह भेज दिया गया है।

पुलिस सूत्रों ने कहा कि खराब सिथति के कारण पीड़िता ने अभी तक घटना के संबंध में अपना बयान दर्ज नहीं कराया है।

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कांग्रेस पार्टी ने इस घटना की अपनी समानांतर जांच पूरी करने और 19 सिफारिशों के साथ आने के बाद आगामी विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को उठाने का फैसला किया है।

पूर्व सांसद वी.एस. उग्रप्पा ने मांग की है कि पुलिस विभाग पीड़िता का बयान तुरंत दर्ज करे और अस्वीकृति के मामले में उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 202 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की जाए। त्वरित जांच की जाए और आरोपी को पीड़िता के सामने पेश किया जाए। आरोप पत्र समय पर न्यायालय में दाखिल किया जाए और आरोपी को 5 महीने की अवधि के भीतर सजा दी जानी चाहिए।

सरकार को ऐसे मामलों में अधिकार क्षेत्र के जिला आयुक्त और पुलिस अधीक्षक को जिम्मेदार ठहराने के लिए एक कानून लाना चाहिए। पार्टी ने अपराध को रोकने में विफल रहने के लिए गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र के इस्तीफे की भी मांग की।

घटना 24 अगस्त की शाम की है, जब पीड़िता अपने पुरुष मित्र के साथ चामुंडी पहाड़ियों की तलहटी के पास सुनसान जगह पर गई थी। दंपति को इलाके में बार-बार आते देख आरोपी ने उन्हें बंधक बना लिया और तीन लाख रुपये की फिरौती मांगी।

पैसे नहीं देने पर आरोपियों ने बारी-बारी से पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। उन्होंने पुरुष मित्र के साथ भी मारपीट की। आरोपी ने युवक को पैसे के लिए अपने परिवार को बुलाने के लिए मजबूर किया था। परिजन मौके पर पहुंचे और पीड़िता व उसके दोस्त को अस्पताल में भर्ती कराया।

मामले ने राष्ट्रीय सुर्खियां बटोरीं, जिसके बाद राज्य पुलिस विभाग भारी दबाव में आ गया। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन हुए। पुलिस घटना के 84 घंटे के भीतर 5 आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाब रही और अब अन्य 2 आरोपियों को भी हिरासत में ले लिया है।

पीड़िता, जो सदमे में है, ने अभी तक अपना बयान दर्ज नहीं किया है। सरकार ने कहा है कि जब तक वह बोलने की स्थिति में नहीं होती है, तब तक पुलिस उसे बयान के लिए मजबूर नहीं करेगी। पुलिस विभाग ने दावा किया कि जांच आगे बढ़ने पर पीड़िता सहयोग करेगी। वह पहले ही तस्वीरों से अपने हमलावरों की पहचान कर चुकी है।

--आईएएनएस

एमएसबी/आरजेएस