भाजपा के सत्ता के लालच का प्रतीक है बुलडोजर (विचार)

कपड़े से लेकर भाषा के मुद्दों को भाजपा ने धार्मिक रंग देने की कोशिश की है। पार्टी ने देश की आवाज को कुचलने के लिए इन संवेदनशील और भावनात्मक पहलुओं का भी इस्तेमाल किया है।
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भाजपा के सत्ता के लालच का प्रतीक है बुलडोजर (विचार) कपड़े से लेकर भाषा के मुद्दों को भाजपा ने धार्मिक रंग देने की कोशिश की है। पार्टी ने देश की आवाज को कुचलने के लिए इन संवेदनशील और भावनात्मक पहलुओं का भी इस्तेमाल किया है।

घटिया शासन और बढ़ती महंगाई से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए भावनाओं को भड़काया जाता है।

इन दिनों, भारत में बुलडोजर का बोलबाला है। भाजपा बुलडोजर का इस्तेमाल घरों और इमारतों को तोड़ने के लिए कर रही है। दिल्ली में अतिक्रमण हटाओ अभियान जोरों पर जारी है।

लोग अपने घरों को बचाने के लिए मिन्नतें कर रहे है। हाथ जोड़कर गुहार लगा रहे है। लेकिन मीडिया एंकर बेहतर टीआरपी के लिए उस पर चढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। इंटरनेशनल फेम तब और मिला, जब बोरिस जॉनसन भी भारत यात्रा के दौरान बुलडोजर पर चढ़ गए।

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इस बीच, भाजपा नेता कर्नाटक और अन्य भाजपा शासित राज्यों में भी इसी तरह के बुलडोजर अभियान की मांग कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद भी दिल्ली के जहांगीरपुरी में तोड़फोड़ की कार्रवाई जारी रही।

सैद्धांतिक रूप से, यह एक अच्छा कदम है। एक राष्ट्र अवैध अतिक्रमणों से मुक्त हो, लेकिन सोचने वाली बात यह है कि क्या यह वास्तव में संभव है?

सरकार अतिक्रमण हटाओ अभियान चला रही है, लेकिन जिन नागरिकों के घर और दुकानों को तोड़ा जा रहा है, क्या उन्हें मुआवजा दिया जाएगा, क्या यह सुनिश्चित करना सरकार का मौलिक कर्तव्य नहीं है कि हर एक नागरिक के पास उनका एक आवास हो? क्या यह सुनिश्चित करना सरकार का लक्ष्य नहीं है कि प्रत्येक नागरिक के पास आय का कोई साधन हो।

अगर घर और व्यवसाय नष्ट हो गए, तो नागरिक कैसे रहेंगे, वे अपने बच्चों को कैसे पढ़ाएंगे।

क्या सरकार ने उन लोगों के लिए कोई सुरक्षा योजना तैयार की है, जो उनके इस अभियान के कारण बेघर हो गए हैं।

अधिक राज्यों में सत्ता हासिल करने के लालच में भाजपा यह भूल जाती है कि सभी भारतीय समान हैं, उन सभी के पास संवैधानिक अधिकार हैं और उन सभी के साथ समान व्यवहार किए जाने की आवश्यकता है।

जब तक सत्ता के लालच पर अंकुश नहीं लगाया जाता, तब तक भारत ऐसे ही दिन देखता रहेगा।

हमारे राष्ट्र के संस्थापकों ने संविधान बनाते समय इस बात पर विशेष जोर दिया था, कि प्रत्येक नागरिक के अधिकारों की रक्षा की जाए। लेकिन आज ऐसा लगता है कि भाजपा यह भूल गई है कि आवास हर भारतीय के मूल अधिकारों में से एक है।

सरकार को सभी नागरिकों को आवास उपलब्ध कराना चाहिए। जब प्रत्येक नागरिक के पास एक घर हो जाए, तब अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान चलाया जाना चाहिए।

--आईएएनएस

पीके/एसकेपी