बंगाल के स्पीकर बिमान बनर्जी को ईडी, सीबीआई ने किया तलब

कोलकाता, 14 सितम्बर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी को प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने तलब किया है और उन्हें 22 सितंबर को नारद रिश्वत का मामले में दो एजेंसियों द्वारा दायर आरोप पत्र के संबंध में उनके सामने पेश होने के लिए कहा है।
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बंगाल के स्पीकर बिमान बनर्जी को ईडी, सीबीआई ने किया तलब कोलकाता, 14 सितम्बर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी को प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने तलब किया है और उन्हें 22 सितंबर को नारद रिश्वत का मामले में दो एजेंसियों द्वारा दायर आरोप पत्र के संबंध में उनके सामने पेश होने के लिए कहा है।

विधानसभा में सूत्रों के मुताबिक, स्पीकर बिमान बनर्जी ने चार्जशीट में विधायकों के नाम के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। विधानसभा में एक अधिकारी ने कहा, नियमों के अनुसार विधायकों के नाम अध्यक्ष से लिखित अनुमति लेने के बाद चार्जशीट में दिए जा सकते हैं। सांसदों के मामले में संसद के अध्यक्ष से अनुमति लेनी होगी। बनर्जी पूछेंगे कि यह प्रक्रिया क्यों है इस मामले में पालन नहीं किया गया है।

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दो जांच एजेंसियों ने हाल ही में पोंजी घोटाला मामलों और नारद स्टिंग ऑपरेशन मामले में कथित संलिप्तता के लिए मंत्रियों सहित सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के कई विधायकों को चार्जशीट किया और तलब किया था।

ईडी और सीबीआई दोनों के आरोपपत्र में राज्य के पंचायत मंत्री सुब्रत मुखर्जी, राज्य के परिवहन मंत्री फिरहाद हाकिम और कमरहाटी से टीएमसी विधायक मदन मित्रा के नाम शामिल हैं।

सीबीआई ने उनके खिलाफ समन जारी किया है और उन्हें 16 नवंबर को अदालत में पेश होने को कहा गया है। पत्र विधानसभा को भेजे जा चुके हैं।

एक अन्य अधिकारी ने कहा, हमें पत्र नहीं मिला है क्योंकि औपचारिकताएं पूरी नहीं की गई हैं। अधिकारियों को आने दें और अपना स्पष्टीकरण दें और फिर हम अध्यक्ष के निर्देश के अनुसार कार्य करेंगे।

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सुखेंदु शेखर रॉय और कुणाल घोष जैसे टीएमसी नेताओं ने कहा था कि अगर जांच एजेंसियां सांसदों के खिलाफ चार्जशीट जैसी कोई कार्रवाई शुरू करती हैं तो लोकसभा अध्यक्ष को हमेशा लूप में रखा जाता है लेकिन बंगाल में विधायकों के संबंध में इस प्रथा का पालन नहीं किया गया।

राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा, मुझे नहीं पता कि नियमों का पालन किया गया है या नहीं, क्योंकि मैं ना तो विधायक हूं और ना ही मैं सीबीआई अधिकारी हूं, लेकिन मैं यह कह सकता हूं कि यह तृणमूल कांग्रेस की एक और योजना है कि वह समय खरीदकर लोगों और जांच अधिकारी का ध्यान भटकाएं।

सीपीएम नेता समिक लहरी ने कहा, उन्हें कैमरे में देखा गया है कि वे पैसे ले रहे हैं। मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि वे अभी भी जेल में क्यों नहीं हैं?।

--आईएएनएस

एचके/एएनएम