जब तुर्कमान गेट पर आपातकाल में चला था बुलडोजर

नयी दिल्ली, 15 मई (आईएएनएस)। युवा अनीस दुर्रानी उस वक्त दिल्ली युवा कांग्रेस के सचिव पद थे जब तुर्कमान गेट पर आपातकाल के दौरान बुलडोजर चला था।
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जब तुर्कमान गेट पर आपातकाल में चला था बुलडोजर नयी दिल्ली, 15 मई (आईएएनएस)। युवा अनीस दुर्रानी उस वक्त दिल्ली युवा कांग्रेस के सचिव पद थे जब तुर्कमान गेट पर आपातकाल के दौरान बुलडोजर चला था।

अनीस दुर्रानी का दावा है कि उस वक्त बुलडोजर जामा मस्जिद रोड को जाममुक्त कराने के इरादे के साथ चला था और वहां रहने वाले लोगों को पहले ही जहांगीरपुरी और नंदनगरी में प्लॉट आवंटित किये गये थे।

उन्होंने कहा कि लेकिन वे लोग तुर्कमान गेट को छोड़कर नहीं जाना चाहते थे और उनका कहना था कि जहांगीरपुरी और नंदनगरी बहुत अलग-थलग हैं।

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दुर्रानी ने कुछ साल पहले ही कांग्रेस के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ में सचिव का पद छोड़ा है। उनका कहना है कि उस वक्त इंदिरा गांधी के छोटे बेटे संजय गांधी की बेहद करीबी रहीं रुखसाना सुल्ताना अक्सर गरीबों के लिये शिविर लगाया करती थीं और वह स्वास्थ्य शिविरों का भी आयोजन करती थीं।

दुर्रानी का कहना है कि बुलडोजर तो 1976 में भी चला था लेकिन तब कांग्रेस ने इलाके को जाममुक्त कराने के इरादे के साथ ऐसा किया था लेकिन अब भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक समुदाय खासकर गरीबों को भयभीत करने के लिये बुलडोजर चला रही है।

दरअसल 1976 के अप्रैल माह में जब तुर्कमान गेट के इलाके में कांग्रेस सरकार के दौरान बुलडोजर चला तब प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आदेश पर देश में आपातकाल लागू था। आपातकाल होने की वजह से यह घटना अखबार में सुर्खियां नहीं बटोर पाई।

यहां लोगों को उनके घरों से हटाने के लिये पुलिस ने गोलियां चलाईं जिसमें कई लोग मारे गये। प्रेस पर सेंसरशिप के कारण मृतकों की संख्या की पुष्टि नहीं की जा सकी।

संजय गांधी ने दिल्ली को झुग्गी झोपड़ियों से मुक्त करने के लिये अभियान चलाया था और तुर्कमान गेट के इलाके में भी इसी मकसद के साथ बुलडोजर चलाया गया था। तुर्कमान गेट के लोगों ने जगह खाली करने मना कर दिया तो पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चला दीं।

कांग्रेस के बाद भाजपा अब 2022 में उसी कार्रवाई को दिल्ली नगर निगम के चुनाव के पहले अपनाती नजर आ रही है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वहां बुलडोजर से कार्रवाई क्या शुरू की कि अन्य भाजपा शासित राज्यों ने भी इसे अपनाना शुरू कर दिया। अब बुलडोजर मध्य प्रदेश, गुजरात और दिल्ली में भी चलाया जा रहा है। योगी आदित्यनाथ को मीडिया में बुलडोजर बाबा भी कहा जाने लगा है।

दिल्ली में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता अब बुलडोजर भैया कहे जाने लगे हैं। इन्होंने ही भाजपा शासित नगर निगमों को अतिक्रमण हटाने के लिये बुलडोजर चलाने को कहा।

शाहीन बाग, जो सीएए विरोध में आयोजित प्रदर्शन के कारण सुर्खियों में आया था, वहां भी बुलडोजर चलाने की कोशिश की गई लेकिन यह सफल नहीं हो पाई।

इस घटना में आम आदमी पार्टी के एक विधायक को पुलिस ने गिरफ्तार किया, जिन्हें अगले ही दिन जमानत दे दी गई।

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इस मसले पर पत्र लिखा लेकिन कांग्रेस ने इसे मैच फिक्सिंग बताया है।

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार ने आरोप लगाया है कि दिल्ली सरकार बहुत देर से जागी है और वह भाजपा की बुलडोजर की राजनीति में शामिल है।

उन्होंने कहा कि लोगों को गुमराह करने के लिये सिसौदिया ने खत लिखा है और इसे अन्याय कहा है लेकिन यह उनके घड़ियाली आंसू हैं।

उन्होंने कहा कि जहांगीरपुरी में जब भाजपा शासित एमसीडी ने बुलडोजर चलाया तो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने चुप्पी साधी रखी जैसे उन्हें इसके बारे में कुछ पता ही नहीं था।

अनिल कुमार ने कहा कि केजरीवाल की चुप्पी ही बता देती है कि भाजपा ने उनकी मिलीभगत के साथ ही यह अभियान चलाया था।

--आईएएनएस

एकेएस/आरएचए