Chhath Puja 2020- नहाय खाय के साथ शुरू हुआ छठ महापर्व, पढिय़े आखिर क्यों मनाया जाता है यह त्योहार

लोक आस्था का छठ महापर्व छठ नहाय खाय के साथ शुरू हो गया है। पर्व की खुशियों पर कोरोना संक्रमण का साया न मंडरा पाएए इसको लेकर ऐसे में कई राज्यों में अलर्ट मोड में आ गया है। छठ पर नदी, नहरों किनारे, घाट आदि पर बड़ी संख्या में लोग एकजुट होकर सूर्य को अघ्र्य
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Chhath Puja 2020- नहाय खाय के साथ शुरू हुआ छठ महापर्व, पढिय़े आखिर क्यों मनाया जाता है यह त्योहार

लोक आस्था का छठ महापर्व छठ नहाय खाय के साथ शुरू हो गया है। पर्व की खुशियों पर कोरोना संक्रमण का साया न मंडरा पाएए इसको लेकर ऐसे में कई राज्यों में अलर्ट मोड में आ गया है। छठ पर नदी, नहरों किनारे, घाट आदि पर बड़ी संख्या में लोग एकजुट होकर सूर्य को अघ्र्य देते हैं। ऐसे में कोरोना संक्रमण बढ़ सकता है। लिहाजा, प्रशासन ने सार्वजनिक स्थल पर एकजुट होकर अघ्र्य देने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

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देहरादून में जारी हुआ आदेश

प्रदेश की राजधानी में अपर जिलाधिकारी बीर सिंह बुदियाल ने आज जारी आदेश में कहा कि सभी लोग अपने-अपने घरों पर रहकर ही पूजन करेंगे और सूर्य को अघ्र्य देंगे। घरों में आसपास भी लोग सीमित संख्या में एकत्रित होंगे और शारीरिक दूरी के नियमों का पालन कर अनिवार्य रूप से मास्क पहनेंगे। इसके अलावा 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का पूजा के दौरान उचित ध्यान रखने और 65 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों को पूजन से दूरी बनाकर रखने की सलाह दी गई है। कंटेनमेंट जोन में पूजा का आयोजन प्रतिबंधित रहेगा। किसी भी तरह के नियम के उल्लंघन पर संबंधित के खिलाफ क ार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

संतान प्राप्ति के मनाया जात है छह पूजा

आज से महापर्व छठ की शुरूआत नहाय-खाय के साथ हो गयी है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से ये महापर्व शुरू हो जाता है। छठ का पर्व दिवाली के 6 दिन बाद मनाया जाता है। यह पर्व खासतौर पर बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और झारखंड में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है।् ये व्रत संतान प्राप्ति और संतान की मंगलकामना के लिए किया जाता है।

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