रेलिगेयर एंटरप्राइजेज के पूर्व सीईओ कृष्णन सुब्रमण्यम को मिली जमानत

नई दिल्ली, 10 मई (आईएएनएस)। दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को रेलिगेयर एंटरप्राइजेस लिमिटेड के पूर्व ग्रुप सीईओ कृष्णन सुब्रमण्यम को जमानत दे दी। उन्हें पिछले साल कथित तौर पर 2,397 करोड़ रुपये के वित्तीय धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया गया था।
 | 
रेलिगेयर एंटरप्राइजेज के पूर्व सीईओ कृष्णन सुब्रमण्यम को मिली जमानत नई दिल्ली, 10 मई (आईएएनएस)। दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को रेलिगेयर एंटरप्राइजेस लिमिटेड के पूर्व ग्रुप सीईओ कृष्णन सुब्रमण्यम को जमानत दे दी। उन्हें पिछले साल कथित तौर पर 2,397 करोड़ रुपये के वित्तीय धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया गया था।

9 दिसंबर, 2021 को दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने सुब्रमण्यम को जनता के पैसे की हेराफेरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड (आरएफएल) के प्रतिनिधि मनप्रीत सिंह सूरी ने मालविंदर सिंह, शिविंदर सिंह, सुनील गोधवानी और अन्य के खिलाफ प्रमुख प्रबंधकीय पदों पर एक शिकायत दर्ज की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि इन लोगों का रेलिगेयर एंटरप्राइजेस लिमिटेड और उसकी सहायक कंपनियों पर पूर्ण नियंत्रण है। इन लोगों ने रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड (आरएफएल) को बिना वित्तीय स्थिति वाली कंपनियों को ऋण देकर खराब वित्तीय स्थिति में डाल दिया।

krishna hospital

पर्याप्त आपत्तिजनक सबूतों को देखते हुए, मालविंदर और शिविंदर, साथ ही आरएफएल में प्रमुख प्रबंधकीय पदों पर तीन अन्य लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है।

आर्थिक अपराध शाखा के अनुसार, इन कंपनियों ने जानबूझकर चुकौती में चूक की और आरएफएल को 2,397 करोड़ रुपये का गलत नुकसान हुआ। यह भी आरबीआई और सेबी द्वारा स्वतंत्र ऑडिट के दौरान इंगित और चिह्न्ति किया गया था।

आरोपी कृष्णन सुब्रमण्यम 2017-18 के दौरान ग्रुप के सीईओ थे, जब तीन अलग-अलग ऋण सुविधा समझौतों के तहत तीन संस्थाओं को सुरक्षित ऋण के रूप में 115 करोड़ रुपये की संपत्ति के खिलाफ ऋण स्वीकृत किया गया था, और असोला भूमि के संपत्ति दस्तावेजों को आरएफएल के साथ सुरक्षा के रूप में रखा गया था।

इसके बाद, इन ऋणों को कॉर्पोरेट ऋण पुस्तिका पोर्टफोलियो के तहत असुरक्षित ऋणों में परिवर्तित कर दिया गया क्योंकि इन भूमियों के स्वामित्व विलेख आरएफएल को कभी प्रस्तुत नहीं किए गए।

बाद में, यह पाया गया कि उपरोक्त सुविधा समझौतों के तहत आरएफएल के साथ सुरक्षा के रूप में रखी गई भूमि को आरएफएल को बिना किसी अनुमति या सूचना के आदान-प्रदान किया गया था, भले ही इसे आरएफएल के पास गिरवी रखा गया था।

पुलिस ने कहा कि यह भी पाया गया कि आरएचसी और इलाइव के साथ शेयर गिरवी समझौते (एसपीए) के निष्पादन के बाद संपत्ति के दस्तावेज उधारकर्ता को जारी किए गए थे, जिसके तहत इलाइव के शेयर गिरवी रखे गए थे और रेलिगेयर ब्रांड के संबंध में आरएफएल के साथ ट्रेडमार्क प्रमाण पत्र जमा किए गए थे।

उक्त एसपीए और बाद में संपत्ति के कागजात सुब्रमण्यम द्वारा जारी किए गए थे।

--आईएएनएस

एसकेके/एसकेपी