यूपी में मिलने वाली इस पेंशन पर योगी सरकार ने की कटौती, क्रिकेट से लेकर बॉलीवुड में आया भूचाल

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लखनऊ- न्यूज टुडे नेटवर्क : योगी सरकार ने पूर्व की समाजवादी पार्टी की सरकार में यश भारती व पद्म सम्मान पाने वालों को पेंशन देने के लिए बनी नियमावली में संशोधन किया है। इस सम्मान के तहत पहले हर महीने 50 हजार की पेंशन दी जाती थी, लेकिन अब इसे घटाकर 25 हजार रूपये कर दिया गया है।

इतना ही नहीं इसमें से उन लोगों के नामों को हटा दिया जाएगा, जो सरकारी नौकरी वाले हैं या टैक्स अदा करते हैं। बता दें कि पू्र्व मुख्यमंत्री अखिलेश अखिलेश यादव के शासनकाल में यश भारती एवं पद्म सम्मान से सम्मानित लोगों के लिए मासिक पेंशन नियमावली-2015 जारी की गई थी। इसके तहत यश भारती सम्मान से सम्मानित लोगों को 50 हजार रुपए मासिक पेंशन दी जाती थी।

31 जुलाई से पहले करें यश भारती पुरस्कार व पेंशन संबंधी आवेदन

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री ने इससे पहले यश भारती पेंशन को बंद करने का निर्णय लिया था, लेकिन भाजपा के अंदर से बढ़ते दबाव के बाद योगी सरकार ने पेंशन नियमावली में संशोधन करते हुए यश भारती सम्मान पेंशन की राशि आधी घटाकर इसे चालू रखने का फैसला लिया है।

यश भारती से सम्मानित सरकारी सेवकों, सरकार के पेंशनरों और आयकरदाताओं को इस पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा। सरकार ने संशोधन के बाद यश भारती पुरस्कार व पेंशन संबंधी आवेदन की तिथि बढ़ाते हुए 31 जुलाई कर दी है। 31 जुलाई के बाद प्राप्त होने वाले आवेदनपत्रों पर संस्कृति विभाग द्वारा विचार नहीं किया जाएगा।

क्रिकेट से लेकर बॉलीवुड तक मची खलबली

इस सम्मान को क्रिकेटर सुरेश रैना, आर पी सिंह, फिल्म एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी, अनुराग कश्यप और नसीरुद्दीन शाह जैसे लोगों को दिया जा चुका है, लेकिन अब नए नियमों के मुताबिक उनके नाम हटाए जा सकते हैं ।

संस्कृति विभाग के निदेशक शिशिर कुमार ने बताया कि यश भारती एवं पद्म पुरस्कारों से सम्मानित ऐसे लोग पेंशन पात्र नहीं होंगे, जो सरकारी पेंशन पा रहे हों, सरकारी सेवा में कार्यरत हों या आयकर दाता हों। यही नहीं, आवेदकों की जन्मभूमि और कर्मभूमि उत्तर प्रदेश ही होनी चाहिए। ऐसे पात्र लोगों को जीवन भर प्रतिमाह 25 हजार रुपये पेंशन दी जाएगी। वित्तीय वर्ष के प्रारंभ में पेंशनर को जीवित होने का प्रमाणपत्र देना होगा। पेंशन की स्वीकृति के लिए निर्धारित प्रारूप पर निदेशक संस्कृति को आवेदन देना होगा।