वर्ल्ड कप: उत्तराखंड के इस करिश्माई गेंदबाज के सामने नहीं टिके ऑस्ट्रेलियन,भारत की हुई जीत

Facebooktwittergoogle_pluspinterest

जो दो साल पहले होते-होते रह गया था वो आखिरकार हो गया. हुर्रे हम जीत गए. इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को 8 विकेट से हराया.लड़के ऑस्ट्रेलिया का स्कोर इस आसानी से पार कर गए जैसे कोई बड़ी बात ही न हो. जैसे वर्ल्ड कप का फाइनल न होकर गली क्रिकेट का कोई मुकाबला हो. मनजोत कालरा तो ऐसे खेल रहे थे जैसे दुनिया का सबसे आसान काम वर्ल्ड कप ट्रॉफी के फाइनल में बैटिंग करना हो.

ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाज़ी करना चुना.12वे ओवर तक उनके तीन टॉप ऑर्डर बल्लेबाज़ आउट हो चुके थे और रन थे 59. वहां से जोनाथन मेर्लो और परम उप्पल ने ऑस्ट्रेलियाई टीम को संभाला. मैकस्वीनी ने भी मेर्लो का बढ़िया साथ दिया. चौथे विकेट के लिए 75 और पांचवे विकेट के लिए 49 रन की पार्टनरशिप हुई. 39 ओवर के खात्मे तक ऑस्ट्रेलिया के 183 रन थे और अभी 6 विकेट हाथ में थे. 11 ओवर का खेल बाकी था. लग रहा था कि ऑस्ट्रेलिया 280 के आसपास आराम से पहुंच जाएगी. लेकिन तभी इंडियन बॉलर्स ने अपना कमाल दिखा डाला.

नागरकोटी का विशेष योगदान

कमलेश नागरकोटी स्टार बॉलर रहे हैं पूरे टूर्नामेंट में.

अगले 33 रनों में पूरी टीम घर भेज दी. शिव सिंह, शिवम मावी, रॉय और नागरकोटी ने विशेष योगदान दिया और 280 का सपना देख रही ऑस्ट्रेलियन टीम 216 पर ढेर हो गई.

मनजोत कालरा और शुभमन गिल

Charismatic
मनजोत कालरा.

पृथ्वी शॉ और मनजोत कालरा ने टीम इंडिया को तूफानी शुरुआत दी. इतनी आसानी से खेल रहे थे जैसे गली क्रिकेट खेल रहे होंगे.12वे ओवर में जब टीम का स्कोर 71 था तब पृथ्वी चूक गए 29 रन बनाकर बोल्ड हो गए. उनके जाने के बाद भी मनजोत का बल्ले को तलवार बनाना जारी रहा. उन्हें ज्वाइन किया शुभमन गिल ने जो कि और भी तूफानी खेलने का मन बनाकर आए थे.

उन्होंने फटाफट 31 रन बना डाले. जब वो आउट हुए तब तक जीत के लिए ज़रूरी रनों की संख्या 100 से नीचे आ चुकी थी. उसके बाद इंडिया को कोई नुकसान न हुआ. मनजोत कालरा ने शतक बनाया और सिर्फ 38.5 ओवर लगे इंडिया को जिसने मैच जीता.

loading...