हिंदी दिवस : 14 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है ये खास दिन, इतिहास जानकर मिलेगी खुशी

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नई दिल्ली- न्यूज टुडे नेटवर्क: 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों की दासता से मुक्ति मिलने के बाद पूरे देश में हर्षोल्लास के माहौल के बीच यह प्रश्न उभरने लगा कि आखिर आजाद भारत की राष्ट्रभाषा का दर्जा किस भाषा को दिया जाए। ऐसा इसलिए क्योंकि भारत से विशाल देश में हजारों भाषा और बोलियाँ बोली जाती हैं। 6 दिसंबर 1946 में आजाद भारत का संविधान तैयार करने के लिए संविधान का गठन हुआ। संविधान सभा ने अपना 26 नवंबर 1949 को संविधान के अंतिम प्रारूप को मंजूरी के बाद 26 जनवरी 1950 से पूरे देश में लागू हुआ।

 

14 सितंबर को क्यों मनाते हैं हिंदी दिवस ?

संविधान सभा ने देवनागरी लिपी में लिखी हिंदी को राष्ट्र की आधिकारिक भाषा के तौर पर स्वीकार किया। हिंदी को सबसे पहले 14 सितंबर, 1949 के दिन राजभाषा का दर्जा मिला था। इसके बाद हिन्‍दी के प्रचार-प्रसार और जनमानस की मान्‍यता के लिए वर्धा स्थित राष्‍ट्र भाषा प्रचार समित‍ि ने हिन्‍दी दिवस मनाने का अनुरोध किया।

इसके बाद 14 सितंबर 1953 से पूरे भारत में हर साल 14 सितंबर को हिन्‍दी दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। एक रिसर्च के मुताबिक, देश के 77% लोग हिंदी लिखते, पढ़ते, बोलते और समझते हैं। हिंदी उनके कामकाज का भी हिस्सा है।

आखिर हिंदी बोलने में क्यों आती है शर्म ?

हिंदी की खास बात यह है कि इसमें जिस शब्द को जिस प्रकार से उच्चारित किया जाता है, उसे लिपि में लिखा भी उसी प्रकार जाता है। हिन्‍दी दुनिया की चौथी ऐसी भाषा है जिसे सबसे ज्‍यादा लोग बोलते हैं लेकिन इसके बावजूद हिन्‍दी को अपने ही देश में हीन भावना से देखा जाता है। आमतौर पर हिन्‍दी बोलने वाले को पिछड़ा और अंग्रेजी में अपनी बात कहने वाले को आधुनिक कहा जाता है। लेकिन बदलते वक्त के साथ हिंदी को लेकर यह धारणा टूट रही है।

हिंदी को लेकर राष्ट्रनायकों के क्या थे विचार ?

साल 1918 में महात्मा गांधी ने हिंदी साहित्य सम्मेलन में हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा बनाने को कहा था। इसे गांधी जी ने जनमानस की भाषा भी कहा था। स्वामी विवेकानन्द ने हिंदी के महत्व को लेकर कहा कि हिंदी के जरिए ही सारे भारत को एक सूत्र में पिरोया जा सकता है। देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने राष्ट्रभाषा के महत्व को देखते हुए हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाएगा। आपको बता दें कि 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस भी मनाया जाता है।