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यूपी में आठ मई से बोर्ड परीक्षाएं कराने का प्रस्ताव सीएम को भेजा, 56 लाख छात्रों का भविष्य दांव पर

न्यूज टुडे नेटवर्क। यूपी में सरकार आठ मई से बोर्ड परीक्षाएं कराने पर विचार कर रही है। हालांकि कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के कारण अभी इस पर फिलहाल निर्णय नहीं लिया जा सका है। शिक्षा विभाग ने नई डेटशीट का प्रस्ताव सीएम योगी आदित्यनाथ को भेजा है। शिक्षा विभाग के एक अफसर ने बताया
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यूपी में आठ मई से बोर्ड परीक्षाएं कराने का प्रस्ताव सीएम को भेजा, 56 लाख छात्रों का भविष्य दांव पर

न्‍यूज टुडे नेटवर्क। यूपी में सरकार आठ मई से बोर्ड परीक्षाएं कराने पर विचार कर रही है। हालांकि कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के कारण अभी इस पर फिलहाल निर्णय नहीं लिया जा सका है। शिक्षा विभाग ने नई डेटशीट का प्रस्‍ताव सीएम योगी आदित्‍यनाथ को भेजा है। शिक्षा विभाग के एक अफसर ने बताया कि सीएम से अनुमति मिलते ही परीक्षाओं की नई तिथि घोषित कर दी जाएगी।

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उत्तर प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा का आयोजन 24 अप्रैल से 12 मई तक होना था, लेकिन पंचायत चुनाव को देखते हुए परीक्षाओं को कुछ अरसे के लिए स्थगित कर दिया गया था। माध्यमिक शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार आठ मई से परीक्षा शुरू कराने का प्रस्ताव है।

परिक्षाओं को मई में ही संपन्न कराकर जून के अंत तक परिणाम घोषित कराने की योजना है। परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्र सहित अन्य व्यवस्थाएं पहले से ही तैयार है। अब सीएम योगी आदित्यनाथ की अंतिम मुहर का इंतजार है। जैसे ही सहमति मिलेगी नई स्कीम जारी कर दी जाएगी।

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हिंदी विषय की परीक्षा से ही शुरुआत

उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा के अनुसार पंचायत चुनाव के कारण यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं अब 24 अप्रैल से शुरू नहीं होंगी। दो मई को पंचायत चुनाव की मतगणना के बाद ही परीक्षा कराने की तारीख तय की जाएगी। डॉ. शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ जल्द इस मामले पर बैठक होगी। उसके बाद नई स्कीम जारी कर दी जाएगी।

सूत्रों के मुताबिक मई के पहले हफ्ते या फिर आठ मई से बोर्ड परीक्षाएं शुरू की जा सकती हैं। पहले जारी हुए परीक्षा कार्यक्रम में जिस विषय की परीक्षा जिस क्रम से होनी थी, आगे भी वैसे ही होने की उम्मीद है। यानी हाईस्कूल व इंटरमीडिएट दोनों में हिंदी व प्रारंभिक हिंदी विषय की परीक्षा से ही शुरुआत हो सकती है।

पंचायत चुनाव की वजह से परीक्षा में देर

बता दें कि माध्यमिक शिक्षा विभाग ने 24 अप्रैल से परीक्षा कराने की स्कीम जारी कर दी थी, लेकिन पंचायत चुनाव में आरक्षण को लेकर उपजे विवाद के बाद हाई कोर्ट के फैसले से चुनाव की तारीखें बढ़ा दी गईं। चूंकि पंचायत चुनाव में स्कूल व कॉलेज मतदान केंद्र के तौर पर काम करते हैं और शिक्षकों की चुनाव में ड्यूटी भी लगती है, लिहजा राज्य निर्वाचन आयोग की अपील पर बोर्ड परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया।

56 लाख से अधिक परीक्षार्थी पंजीकृत : उत्तर प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा परिषद सबसे बड़ा परीक्षा बोर्ड है। बोर्ड परीक्षा 2021 में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में कुल 56,03,813 छात्र-छात्राएं शामिल होंगे।