पीलीभीत: प्रभारी सीडीपीओ का काम देख रहे उनके हसबैंड, विभाग में चल रहा गोलमाल

न्यूज टुडे नेटवर्क। यूपी के पीलीभीत की बीसलपुर तहसील के महिला एवं बाल विकास विभाग में जमकर धांधली हो रही है। यहां पर प्रभारी सीडीपीओ तो मैडम हैं, लेकिन विभागीय कामकाज उनके पति देख रहे हैं। सूत्रों की मानें तो प्रतिदिन कई घंटे कार्यालय में बैठकर वह विभागीय कार्य भी करते हैं। यह खुलासा तब
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पीलीभीत: प्रभारी सीडीपीओ का काम देख रहे उनके हसबैंड, विभाग में चल रहा गोलमाल

न्‍यूज टुडे नेटवर्क। यूपी के पीलीभीत की बीसलपुर तहसील के महिला एवं बाल विकास विभाग में जमकर धांधली हो रही है। यहां पर प्रभारी सीडीपीओ तो मैडम हैं, लेकिन विभागीय कामकाज उनके पति देख रहे हैं। सूत्रों की मानें तो प्रतिदिन कई घंटे कार्यालय में बैठकर वह विभागीय कार्य भी करते हैं। यह खुलासा तब हुआ जब एक रिटायर्ड हो चुकी आंगनबाड़ी के बारे में जानकारी लेने के लिए जब सीडीपीओ का फोन नंबर लगाया तो उनका फोन उनके पति ने रिसीब किया और आधिकारिक रूप से ब्यान बाजी भी कर दी।

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साहब भूल गए कि बह एक मीडिया कर्मी से बात कर रहे हैं और विभाग की जानकारी दे रहे हैं। वह यह भी भूल गए कि सीडीपीओ वह नहीं उनकी पत्नी हैं। दरअसल बीसलपुर विकास खंड के गांव अर्जुनपुर में रिटायर्ड महिला आंगनबाड़ी नन्ही देवी रिटाएरमंेट केे बाद भी विभागीय कार्य देख रही हैं। जब प्रभारी सीडीपीओ मूर्ति से जानकारी लेने के लिए उनके नंबर पर फोन लगाया तो उनका फोन उनके हस्बैंड ने उठाया। जब उनके पति को बोला की मैडम से बात कराईएं तो उन्होंने पूछा क्या जानकारी लेना है।

तभी मीडिया कर्मी द्वारा सवाल किया कि गांव अर्जुनपुर में महिला आंगनबाड़ी तीन माह पूर्व रिटायर्ड हो चुके हैं, अभी भी कार्य कर रही है। इस पर उनके पति ने तपाक से जवाब देते हुए बताया कि महिला आंगनबाड़ी कार्यकत्री का मानदेय रोक दिया गया है। विभाग द्वारा अभी तक महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी को कार्य मुक्ति का लेटर नहीं दिया गया है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि जब प्रभारी सीडीपीओ मूर्ति मैडम हैं तो उनके हस्बैंड को विभाग की जानकारी कैसे है। सूत्रों के मुताबिक जानकारी मिली की प्रभारी सीडीपीओ के पति कई-कई घंटे आफिस में बैठकर उनका कार्य भी संभालते हैं। ऐसे में यह एक बड़ा सबाल है कि यदि मैडम कार्य करने में सक्षम नहीं हैं तो उनकों विभाग द्वारा कार्य मुक्त कर देना चाहिए या फिर मैडम को उनके मूल पद पर भेज दिया जाना चाहिएं।

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विभाग की गोपनियता भंग कर रही प्रभारी सीडीपीओ

जिस तरह से विभाग की जानकारी मैडम के पति को है और किए गए सबालों को आधिकारिक रूप से उन्होंने जवाब दिया है। ऐसे मेंं साफ हो जाता है कि मैडम द्वारा विभाग की गोपनीयता भंग की जा रही है। ऐसे में इस बड़ी लापरवाही के खिलाफ बाल विकास अधिकारी क्या संज्ञान लेते है यह देखना होगा। क्योंकि विभाग में इस तरह से धांधली करना भी ठीक नहीं है। जहां प्रदेश के मुखिया ईमानदारी का पाठ पढ़ा रहे है तो वहीं उनके मातहत मंसूबों पर पानी फेरते नजर आ रहे हैं।