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टेस्टिंग कार्य पूरी क्षमता से संचालित करने के निर्देश, फोकस टेस्टिंग किए जाने पर बल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड-19 से बचाव व उपचार की प्रभावी व्यवस्था को बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संक्रमण की दर में उल्लेखनीय कमी के बावजूद कोरोना का खतरा अभी समाप्त नहीं हुआ है। इसलिए प्रत्येक स्तर पर पूरी सतर्कता बरतना आवश्यक है। मुख्यमंत्री आज अपने सरकारी आवास पर आहूत एक
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टेस्टिंग कार्य पूरी क्षमता से संचालित करने के निर्देश, फोकस टेस्टिंग किए जाने पर बल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने कोविड-19 से बचाव व उपचार की प्रभावी व्यवस्था को बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संक्रमण की दर में उल्लेखनीय कमी के बावजूद कोरोना का खतरा अभी समाप्त नहीं हुआ है। इसलिए प्रत्येक स्तर पर पूरी सतर्कता बरतना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री  आज  अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने में टेस्टिंग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने टेस्टिंग कार्य पूरी क्षमता से संचालित करने के निर्देश देते हुए फोकस टेस्टिंग किए जाने पर बल दिया। उन्होंने कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग तथा सर्विलांस कार्य को पूरी सक्रियता से संचालित करने के निर्देश दिए।

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मुख्यमंत्री  ने कोरोना वैक्सीनेशन कार्य में देश में उत्तर प्रदेश का प्रथम स्थान होने पर संतोष व्यक्त करते हुए कोविड टीकाकरण की कार्यवाही को पूरी गति से संचालित करने के निर्देश दिए। ज्ञातव्य है कि उत्तर प्रदेश 20 लाख से अधिक कोविड वैक्सीन की डोज़ लगाने वाला देश का प्रथम राज्य बन गया है।
मुख्यमंत्री  ने समस्त जिलाधिकारियों तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने जनपद में वैक्सीनेट किए गए लोगों का डाटा नियमित रूप से प्रतिदिन शाम 05 बजे तक पोर्टल पर दर्ज कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को कोविड वैक्सीनेशन कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश देते हुए कहा कि लक्षित आयु वर्ग के अधिक से अधिक लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनपद स्तर पर स्थापित इन्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर की व्यवस्थाओं का लाभ कोविड टीकाकरण कार्य हेतु लिया जाए।

मुख्यमंत्री  ने उत्तर प्रदेश द्वारा ई-संजीवनी एप के माध्यम से देश में सर्वाधिक ऑनलाइन कंसल्टेशन प्रदान किये जाने पर संतोष व्यक्त किया है। उन्होंने ई-संजीवनी एप का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश देते हुए कहा कि अधिक से अधिक लोगों को इसके माध्यम से ऑनलाइन चिकित्सीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। बैठक में यह अवगत कराया गया कि प्रदेश में ई-संजीवनी एप के माध्यम से अब तक 05 लाख 96 हजार से अधिक व्यक्तियों द्वारा ऑनलाइन चिकित्सीय परामर्श प्राप्त किया गया है, जो कि देश में सर्वाधिक है।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि कोविड चिकित्सालयों की व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त रखा जाए। लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाव के सम्बन्ध में निरन्तर जागरूक करते हुए मास्क के अनिवार्य उपयोग तथा सोशल डिस्टेंसिंग अपनाने के सम्बन्ध में जानकारी दी जाए। उन्होंने जागरूकता सृजन की कार्यवाही में विभिन्न संचार माध्यमों के साथ-साथ पब्लिक एड्रेस सिस्टम का भी व्यापक उपयोग किए जाने के निर्देश दिए।

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बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, मुख्य सचिव  आर0के0 तिवारी, कृषि उत्पादन आयुक्त  आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव गृह  अवनीश कुमार अवस्थी, पुलिस महानिदेशक  हितेश सी0 अवस्थी, अपर मुख्य सचिव एम0एस0एम0ई0 एवं सूचना  नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव राजस्व  रेणुका कुमार, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री  एस0पी0 गोयल, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य  अमित मोहन प्रसाद, अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज एवं ग्राम्य विकास  मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना  संजय प्रसाद, सचिव मुख्यमंत्री  आलोक कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।