newstodaynetwork Banner

रानीखेत- अब शिक्षा को हाईटेक बनाने में जुटे सीएम रावत, बनाया प्लान डीजिटल एजुकेशन

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने द्वाराहाट में प्रदेश सरकार के विकास कार्यों की जानकारी दी। इस दौरान सीएम त्रिवेन्द्र ने प्रदेश को माफियाओं से मुक्त बताते हुए किसी भी माफियां की सचिवायल में एंट्री से साफ इंकार किया है। मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड की 90 फीसदी से भी अधिक गांवो को सड़कों से
 | 
रानीखेत- अब शिक्षा को हाईटेक बनाने में जुटे सीएम रावत, बनाया प्लान डीजिटल एजुकेशन

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने द्वाराहाट में प्रदेश सरकार के विकास कार्यों की जानकारी दी। इस दौरान सीएम त्रिवेन्द्र ने प्रदेश को माफियाओं से मुक्त बताते हुए किसी भी माफियां की सचिवायल में एंट्री से साफ इंकार किया है। मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड की 90 फीसदी से भी अधिक गांवो को सड़कों से जोड़ा गया है।

Devi Maa Dental

750 डॉक्टरों की भर्ती

17 सालों में जो कार्य नहीं हुए वे 3 साल 10 महिने में उनकी सरकार ने कर दिखाया है। उन्होंने जानकारी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश में 750 डॉक्टर और 2,500 नर्सों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। इतना ही नहीं पांच साल पूरे होने से पहले उन्होंने प्रदेश के हर अस्पताल को एक डॉक्टर देने की भी घोषणा की है।

बदलेगी प्रदेश के स्कूलों की सूरत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने इस दौरान कहा कि हरियाली का प्रतीक हरेला पर्व के दिन पूरे प्रदेश में सभी लोगों द्वारा एक पौधा अवश्य लगाया जायेगा। उन्होंने कहा कि साल भर में होने वाले पौध रोपण को इस वर्ष हरेला के दिन एक साथ पूरे प्रदेश में वृहद रूप से पौध रोपण किया जायेगा। उन्होंने ऐपण कला को देश-विदेश तक पहचान दिलाने की भी बात कही। सीएम त्रिवेन्द्र की माने तो इसी वर्ष में ऐपण व हस्तशिल्प का कार्य करने वाले लोगों के लिये 05 करोड़ रूपये का बजट प्राविधानित किया जायेगा।

Bansal Saree

शुरू होनी स्कूल ट्रांसपोर्ट सेवा

ऐपण से बनने वाले चीजों के विपणन के लिये देहरादून में विश्वस्तरीय सेन्ट्रर ऑफ एक्सलेंस इम्पोरियम बनाया जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में अनेक अभिनव प्रयास किये जा रहे है 500 विद्यालयों को वर्चुअल क्लासों से जोड़ दिया गया है 600 विद्यालयों में यह प्रक्रिया गतिमान है, जिससे आने वाले समय में कुछ अच्छे सुधार देखने को मिलेंगे। प्राइमरी स्तर के कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को क्लब किया जा रहा है। क्लब करने के बाद प्रत्येक स्कूल में कम से कम पांच-पांच शिक्षक तैनात किए जाएंगे इसके साथ ही स्कूल ट्रांसपोर्ट की भी सुविधा होगी।