नैनीताल:  लापरवाह अधिशासी अभियंता को डीएम की फटकार , बोले- 1 हफ्ते में नही दिया पीड़ित को मुआवजा तो करूंगा FIR

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नैनीताल- प्रदेश सरकार के आदेशों के क्रम में प्रत्येक सोमवार को जिलाधिकारी द्वारा कलक्ट्रेट में जन समस्यायें सुनकर उनका निराकरण किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज डीएम दीपेन्द्र कुमार चौधरी द्वारा कलक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय में दूरदराज से आये फरीयादियों की समस्यायें सुनीं तथा उनका निराकरण किया। आज की सुनवाई में जिलाधिकारी ने लगभग 50 समस्यायें सुनीं तथा उनका निस्तारण किया।

समस्याओं का निपटारा करते डीएम दीपेन्द्र कुमार चौधरी

सोमवार को नैनीताल और शनिवार को हल्द्वानी में निपटती हैं जनशिकायतें

डीएम चौधरी ने बताया कि प्रत्येक सोमवार को वह कलक्ट्रेट में तथा प्रत्येक शनिवार को वह अपने शिविर कार्यालय हल्द्वानी में जनसमस्यायें सुनते हैं। उन्होंने बताया कि जनसमस्याओं का निराकरण उनकी प्राथमिकता में है। उन्होंने जनपद के सभी अधिकारियों, उप जिलाधिकारियों, तहसीदारों, खण्ड विकास अधिकारियों को आदेशित किया है कि वह प्रत्येक कार्य दिवस में प्रातः 10 बजे से 12 बजे के बीच उपस्थित रहकर जन समस्यायें सुनें तथा यथा समय उनका निराकरण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि समाधान पोटल में अंकित होने वाली समस्याओं को भी अधिकारी प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करना सुनिश्चित करें।

जब अधिशासी अभियंता के लापरवाही पर बिफरे डीएम

जिलाधिकारी के सम्मुख किसन सिंह लमगड़िया पूर्व प्रधान कटना ने ओखलकाण्डा के ग्राम क्यारी में नदी पर पैदल पुल बनाये जाने की समस्या रखी। दीवान सिंह ग्राम कटना में वनपंचायत सहित नई कार्यकारिणी के चुनाव शीघ्र कराने का प्रार्थना पत्र दिया। पूरन चन्द्र निवासी जीतपुर नेगी हल्द्वानी ने वीर चन्द्र गढ़वाली योजना के अन्तर्गत बुलेरो वाहन खरीदने की अनुमति मांगी, इसके साथ ही ग्राम अघौड़ा विकास खण्ड ओखलकाण्डा के पुरूषोत्तम शर्मा  ने बताया कि उनके पिता स्व0 महादेव की एक साल पहले करन्ट लग जाने से मुत्यु हो गयी थी, परन्तु सारी औपचारिकतायें पूर्ण हो जाने के बाद भी बिजली विभाग द्वारा अभी तक शासन द्वारा निर्धारित मुआवजा धनराशि का भुगतान नहीं किया गया है, जबकि विद्युत निरीक्षक द्वारा इस संबंध में अपनी रिर्पोट 27 दिसम्बर को प्रबंध निदेशक उत्तराखण्ड पावर कारपोरेशन को भेज दी है, बावजूद इसके अधिशासी अभियंता विद्युत नैनीताल द्वारा कोई भी भुगतान नहीं किया गया है।

इस बात को गम्भीरता से लेते हुये डीएम दीपेन्द्र चौधरी  ने अधिशासी अभियंता विद्युत को दूरभाष पर नाराजगी व्यक्त करते हुये कहा कि संबंधित को निर्धारित मुआवजा राशि का भुगतान एक सप्ताह के भीतर हो जाना चाहिये, यदि ऐसा नहीं होता है तो उनके स्तर से प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्यवाही भी की जायेगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस प्रकार के प्रकरणों में संवेदनशीलता का परिचय देते हुये अच्छे जन सेवक का उदाहरण प्रस्तुत करें।