उत्तराखंड : NH-74 घोटाले में त्रिवेन्द्र सरकार की बड़ी कार्रवाई, IAS पंकज कुमार पाण्डे और चंद्रेश यादव पर गिरी गाज

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देहरादून- न्यूज टुडे नेटवर्क: सूबे की त्रिवेन्द्र सरकार भ्रष्टाचार के आरोपों पर किसी को भी बक्शने के मूड में नही है। यही वजह है कि 500 करोड़ से अधिक के एनएच-74 घोटाले में आरोपी आईएएस अफसर चंद्रेश यादव और पंकज कुमार पांडे पर त्रिवेन्द्र सरकार की गाज गिरी है। सूत्रों के मुताबिक दोनों ही अफसरों को सस्पेंड करने के आदेश जारी हो चुके हैं। वहीं भ्रष्टाचार के मामले में इस कार्रवाई ने सूबे की सियासत में एक बार फिर हलचल मचा दी है।

आईएएस चंद्रेश यादव और पंकज कुमार पाण्डेय

एनएच-74 घोटाले में अफसरों पर लगे आरोप

ऊधम सिंह नगर में जिलाधिकारी रहे चंद्रेश यादव और पंकज कुमार पांडेय पर आरोप लगे कि उन्होंने मुआवजे की बंदरबांट में अनुचित लाभ लेने वाले किसानों, बिचौलियों और तहसील स्तर के अधिकारियों का साथ दिया। सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन का मुआवजा मूल्य से दस से बीस गुना अधिक दिया गया और दोनों अधिकारी अपने-अपने कार्यकाल में इससे बेखबर रहे।

इतना ही नहीं बतौर आर्बिट्रेटर इनकी अदालत में जो भी मामले आए, उनमें उन्होंने गलत तरीके से आरोपियों के पक्ष में फैसला लिया। दोनों आईएएस अफसरों पर आरोप है कि आर्बिट्रेटर की हैसियित से इन्होंने कुल 13 फैसले दिए, जो किसानों या मुआवजे के तौर पर अनुचित लाभ लेने वाले लोगों के पक्ष में गए।

इन्हीं आरोपों के मद्देनजर देहरादून के एक गोपनीय स्थान पर एसआईटी की टीम ने ऊधम सिंह नगर के एडीशनल एसपी के नेतृत्व में आईएएस चंद्रेश यादव और पंकज कुमार पांडेय से पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में दोनों ने बताया कि उनकी अदालत में आर्बिट्रेटर की हैसियत से जो भी मामले आए, उसमें दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला दिया गया। यदि इसमें कोई रिश्वत ली भी गई होगी, तो उसमें उनका कोई हाथ नहीं है। वे रिश्वत से अनजान हैं और खुद भी कोई रिश्वत नहीं ली है। फिलहाल दोनों अफसरों के सस्पेंड होने से एनएच घोटाला मामले में नया मोड़ आ गया है।