मदर्स डे- मिलिए उत्तराखंड की ईजा से “जो मजदूरों के बच्चों को फ्री में पढ़ाती है”

269
Facebooktwittergoogle_pluspinterest

देहरादून[न्यूज टुडे नेटवर्क]. इन्हें हम उत्तराखंड की ईजा नहीं कहेंगे तो क्या कहेंगे. 62 वर्षीय डॉ. गिरीबाला जुयाल देहरादून के कौलागढ़ की मजदूर बस्ती के 70 बच्चों को पढ़ा रही है. डॉ. जुयाल मजदूर बस्ती के बच्चों के लिए कक्षाएं चलाती हैं. वह सिर्फ शिक्षा ही नहीं प्रदान कराती हैं बल्कि बच्चों का वह हर एक हुनर देखती हैं और उन्हें आगे बढ़ाती हैं ताकि वह अपनी देवभूमि या अपने देश के लिए कुछ कर सकें.

डांस, सिंगिंग, योग समेत कई अन्य गतिविधियों की विशेष कक्षाएं भी वह लेती हैं. इसी का नतीजा है कि आज ओएनजीसी जैसे बड़े संस्थानों के कार्यक्रमों में प्रस्तुति के लिए यहां के बच्चों को विशेष निमंत्रण दिया जाता है.

डॉ. गिरीबाला कब से कर रही हैं ये काम

साल 2004 में डॉ. गिरीबाला जुयाल ने मनोहर भाव संस्था की स्थापना की थी. यह संस्था देहरादून के कौलागढ़ क्षेत्र की मजदूर बस्ती में रहने वाले निर्धन और जरूरतमंद बच्चों को 13 वर्षों से शिक्षा दे रही है. वर्तमान में संस्था की ओर से कौलागढ़ स्थित पंचायती भवन में शाम चार से छह बजे तक कक्षाओं का संचालन होता है. जिसमें नर्सरी से 10वीं कक्षा तक के करीब 70 से अधिक बच्चों को पढ़ाया जाता है.

इन बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ डांस, सिंगिंग, कला, योग, कराटे के गुर भी सिखाए जाते हैं. यहां तक कि डांस, योग आदि के लिए अलग टिचर्स रखी गई हैं. डॉ. जुयाल चाहती हैं कि ये बच्चे किसी भी क्षेत्र में कमतर न रहें, इसके लिए वे इन बच्चों को खेल समेत अन्य गतिविधियों में भी प्रशिक्षित करती हैं. डॉ. जुयाल के साथ इस नेक काम में कुछ अन्य सदस्य भी हाथ बंटाती हैं.

यह भी पढ़े – Mother’s Day 2018: केवल माँ ही पूछ सकती हैं ये बातें, तभी तो हर माँ होती है स्पेशल