नई दिल्ली- आधार के जरिए नया SIM लेने में नहीं हो सकेगा फर्जीवाड़ा, 15 सितंबर से लागू होगा ये नियम

65
Facebooktwittergoogle_pluspinterest

नई दिल्ली- न्यूज टुडे नेटवर्क : आधार के जरिए होने वाले फर्जीवाड़े की रोकथाम करने के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने नया कदम उठाया है। इस विधि के तहत फोटो का चेहरे से मिलान करने की सुविधा शुरू करने की घोषणा की गई है। इस सुविधा को पहले टेलीकॉम कंपनियों के साथ 15 सितंबर को शुरू किया जाएगा। बता दें कि पहले प्राधिकरण ने इससे पहले चेहरा पहचानने का फीचर एक जुलाई से लागू करने की योजना बनाई थी, लेकिन इसे बाद में बढ़ाकर एक अगस्त कर दिया गया था।

15 सितंबर से शुरू होगी सुविधा

जानकारी के मुताबिक 15 सितंबर से टेलीकॉम कंपनियों को महीने में कम से कम 10 प्रतिशत सत्यापन चेहरे का लाइव (सीधे) फोटे से मिलान करके करना जरूरी होगा। इस प्रकार का सत्यापन इससे कम अनुपात में हुआ तो प्रति सत्यापन 20 पैसे का जुर्माना लगाया जाएगा।

यूआईडीएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय भूषण पांडे ने कहा कि लाइव फेस फोटो को ईकेवाईसी फोटो से मिलाने का निर्देश सिर्फ उन्हीं मामलों जरूरी होगा जिनमें सिम जारी करने के लिए आधार का इस्तेमाल किया जा रहा है। दूरसंचार विभाग के निर्देशानुसार यदि सिम आधार के अलावा किसी अन्य तरीके से जारी किया जाता है, तो ये निर्देश लागू नहीं होंगे।

यूआईडीएआई के मुताबिक यह कदम फिंगरप्रिंट में गड़बड़ी की संभावना रोकने या उसकी क्लोनिंग रोकने के लिए उठाया गया है। इससे मोबाइल सिम जारी करने और उसे एक्टिव करने की ऑडिट प्रक्रिया और सुरक्षा को मजबूत किया जा सकेगा।