जन्मदिन विशेष: आखिरी सफर पर जाते-जाते जब मीना कुमारी ने कर दिया फिल्म को सुपरहिट, जानिए एक्ट्रेस मीना कुमारी का फिल्मी सफरनामा

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मुंबई- न्यूज टुडे नेटवर्क: बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस मीना कुमारी की आज 85वीं जयंती मनाई जा रही है। मीना कुमारी का असली नाम महजबीन बेगम था। उनका जन्म 1 अगस्त 1932 को मुंबई में हुआ था। हिन्दी सिनेमा के पर्दे पर दिखी अब तक की सबसे दमदार अभिनेत्रियों में मीना कुमारी का नाम भी आता है। अपने 30 साल के पूरे फिल्मी सफर में मीना कुमारी ने 90 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। उनकी फिल्मों को आज क्लासिक की श्रेणी में रखा जाता है।

मीना कुमारी की 85वीं जयंती (Meena Kumari 85th Birth Anniversary) के मौके पर गूगल ने डूडल (Google Doodle) बनाकर उन्हें याद किया है।

ट्रेजडी क्वीन मीना कुमारी का सफरनामा

फिल्मी पर्दे पर अपनी बेमिसाल अदाकारी से सबको लुभाने वाली मीना कुमारी की जिंदगी बचपन से ही दुख भरी रही। पैदा होते ही मीना कुमार के पिता अली बख्‍श ने उन्हें अनाथाश्रम में छोड़ आए थे। उनकी मां के काफी रोने-धोने पर वे उन्हें वापस ले आए। मीना कुमारी 1939 में फिल्म निर्देशक विजय भट्ट की फिल्म फ़रज़न्द-ए-वतन में चाइल्ड कलाकार के रूप में नज़र आईं। 1940 की फिल्म ‘एक ही भूल’ में विजय भट्ट ने इनका नाम बेबी महजबीं से बदल कर बेबी मीना कर दिया। 1946 में आई फिल्म ‘बच्चों का खेल’ से बेबी मीना 14 वर्ष की आयु में मीना कुमारी बनीं।

1952 में मीना कुमारी ने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर फिल्म निर्देशक कमाल अमरोही के साथ शादी कर ली। हालांकि शादी के 12 साल बाद 1964 में ही मीना कुमारी और कमाल अमरोही की शादीशुदा जिंदगी में दरार आ गई और वो अलग-अलग रहने लगे।

मीना ने 29 मार्च, 1972 को आखिरी बार कमाल अमरोही का नाम लिया, इसके बाद वह कोमा में चली गईं। 1954 में ‘बैजू बावरा’, ‘दिल एक मंदिर’ (1963), 1966 में फिल्म ‘काजल’, ‘फूल और पत्थर’ (1966) 1963 में ‘साहिब बीवी और गुलाम’, 1955 में ‘परिणीता’ के लिए फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

पति कमाल अमरोही से तलाक के बाद शराब में डूबी एक्ट्रेस मीना कुमारी

1964 में पति कमाल अमरोही से तलाक के बाद उनकी शराब की लत और भी बढ़ गई। शराब के कारण 1968 में मीना कुमारी बहुत ज्यादा बीमार हो गईं और उन्हें इलाज के लिए लंदन व स्विटजरलैंड ले जाना पड़ा। बाद में ठीक होकर आने पर उन्होंने कैरेक्टर रोल करने लगीं।

मीना कुमारी के पूर्व पति कमाल अमरोही की फिल्म ‘पाकीजा’ को बनकर रिलीज होने में 14 साल का लंबा वक्त लग गया। पहली बार फिल्म के बारे में 1958 में प्लानिंग की गई और 1964 में फिल्म का निर्माण शुरू हुआ, लेकिन 1964 में ही दोनों के तलाक के कारण आधी से ज्यादा बन चुकी फिल्म रुक कई। 1969 में सुनील दत्त और नर्गिस ने फिल्म के कुछ दृश्य देखे और उन्होंने कमाल अमरोही व मीना कुमारी को फिल्म पूरा करने के लिए मनाया।

जाते-जाते पाकीजा के जरिए एक्ट्रेस मीना कुमारी हो गई अमर

आखिरकार ‘पाकीजा’ फरवरी 1972 में रिलीज हुई और बॉक्स ऑफिस पर इसे दर्शकों का प्यार नहीं मिला, लेकिन 31 मार्च 1972 को मीना कुमारी की अचानक मौत के बाद फिल्म ने रफ्तार पकड़ी और ये सुपरहिट साबित हुई। अभिनेत्री के साथ ही वो एक अच्छी उर्दू शायरा भी थीं। उन्होंने अपनी शायरी की ‘आई राइट, आई रिसाइट’ नाम से ख्याम के साथ रिकॉर्ड भी कीं।