हल्द्वानी- हिमालय बचाने में जुटे शहर के ये दो व्यापारी, लोगों में जगाई अलख

86
Facebooktwittergoogle_pluspinterest

हल्द्वानी- न्यूज टुडे नेटवर्क प्रान्तीय उद्योग प्रतिनिधि मंडल समिति द्वारा हिमालयी संरक्षण अभियान चलाया गया। अभियान में प्रदेश अध्यक्ष अनिल गोयल, प्रदेश महामंत्री नवीन चन्द्र वर्मा, सरंक्षक बाबू लाल गुप्ता, प्रदेश कोषाध्यक्ष एनसी तिवारी और चेयरमैन यशपाल अग्रवाल ने महत्तवपूर्ण भूमिका निभाई। रैली की संचालक की जिम्मेदारी हर्षवद्र्धन पाण्डे जिला महामंत्री नैनीताल और सहसंचालक प्रकाश मिश्रा जिलाध्यक्ष चमोली के द्वारा किया गया। रैली का शुभारम्भ चार अक्टूबर को सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा किया गया। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष अनिल गोयल ने कहा कि इस समिति का मुख्य उद्देश्य हिमालय को बचाना है। उन्होंने कहा कि देश भर में हिमालय पर मंथन की आवश्यकता है। हिमालय ने अपने उपकारों से किसी को वंचित नहीं रखा, अब वह ऋण के रूप में रक्षा की गुहार लगा रहा है। हिमालय के ऋण से तो कभी मुक्त नहीं हो सकते पर हिमालय को बचाकर हम निश्चित ही मोक्ष प्राप्त कर सकते हैं।

वही प्रदेश महामंत्री नवीन चन्द्र वर्मा ने कहा कि जीवन को सुरक्षित करने के लिए हिमालय का संरक्षण आवश्यक है। इसके लिए सबको सामूहिक जिम्मेदारी लेकर हिमालय के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। करीब 65 प्रतिशत पानी हिमालय से ही मिलता है। हिमालय के अध्यात्मिक, सामाजिक, स्वास्थ्य व आर्थिक दृष्टि से भारी प्रभाव दृष्टिगत है। हिमालय पवित्रता का भी प्रतीक है। इसलिए हमें इसे बचाने में आगे आना चाहिए।

 

ये है हिमालयी संरक्षण अभियान के उद्देश्य

हिमालीय क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण हेतु पॉलिथीन का प्रयोग पूरी तरह बंद करने वाल का आह्वान, उन गांवों में उपयोगी योजनाओं को पहुंचाना जहां पलायन के बाद कुछ ही लोग बचे हो, उच्च हिमालय एवं शिवालिक पर्वत क्षेत्र में पलायन से बंजर हुए गांवों को उद्यान विभाग के सहयोग से चाय बागान, फलदार पौधों (अखरोट) को लगाने में स्थानीय लोगों का सहयोग करना। नदी झीलों व जलाशयों के संग्रहण में कटाव एवं वनों के सरंक्षण पर नियंत्रण करना। जंगलों से लुप्त होती जा रही जैव व वनस्पतियों का संरक्षण करना। प्रत्येक कस्बे के बस एवं टैक्सी स्टेशन पर व्यापार मंडल द्वारा सार्वजनिक शौचालय के निर्माण के लिए प्रयास किये जा रहे है। छोटे-छोटे बाजारों में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था बनाये जाने का प्रयास। हिमालयी क्षेत्र से जल संरक्षण में व्यापार मंडल की सहिभागिता सुनिश्चित करना। ग्लेशियरों व हिमालयी नदियों में प्रदूषण को रोकने का प्रयास, हिमालयी क्षेत्रों में जड़ी-बूटी को बढ़ाये जाने के प्रयास तथा इन उत्पादों के विपणन में सरकार की भागीदारी से उत्पादकों को उचित मूल्य दिलाने का प्रयास करना उनका मुख्य उद्देश्य है।

व्यापार मंडल की प्रदेश सरकार से अपेक्षाएं

व्यापार मंडल द्वारा योगा/मेडीटेशन केन्द्रों को उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भी बनाये जाने का प्रस्ताव, रीवर राफ्टिंग हेतु काली नदी, गोरी नदी, पिण्डर नदी में भी राफ्टिंग जोन का प्रस्ताव, जंगल कैम्पिंग/रीवर राफ्टिंग/तीर्थाटन/ट्रेकिंग में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाय। उन्हें निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाय।, आवास हेतु फाइवर हट्स का निर्माण हो, पर्यटन मार्ग दर्शक बोर्ड लगाये जाय, छोटे हैलीपेड बने ताकि विदेशी पर्यटक भी इन क्षेत्रों में आ सकें।, तीर्थाटन में चारधाम यात्रा के साथ पंचकेदार यात्रा को जोड़ा जाय। साथ ही कुमाऊं क्षेत्र में जागेश्वर, हाटकालिका, बागनाथ, बैजनाथ व रीठा साहिब को भी पर्यटन के रूप में विकसित किया जाय। प्रान्तीय उद्योग प्रतिनिधि मंडल समिति उत्तराखंड दल द्वारा हल्द्वानी से शुरू हुई हिमालयी संरक्षण रैली रामनगर, काशीपुर, जसपुर, हरिद्वार, देहरादून, विकासनगर, बडक़ोट, उत्तरकाशी, नई टिहरी, श्रीनगर, रूद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग, गैरसैण, चौखुटिया, द्वाराहाट, रानीखेत आकर संपन्न हुई। इस मौके पर व्यापार मंडल के प्रान्तीय पदाधिकारियों एवं जिलो व नगर इकाइयों ने रैली का जोरदार स्वागत किया।