मेरे बगीचे के आम खाने से महिलाओं को पुत्र प्राप्ति हुई – संभाजी भिडे

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[न्यूज टुडे नेटवर्क]. भीमा-कोरेगांव हिंसा के बाद मीडिया में छाए हिंदूवादी नेता संभाजी भिडे ने विवादित बयान दिया. उन्होंने नासिक में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि उनके बगीचे के आम खाने के बाद कई माता-पिता को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई है. संभाजी ने कहा कि ‘आम शक्तिशाली और पोषक तत्वों से भरपूर हैं, मेरे बगीचे के आम खाने वाली कुछ महिलाओं ने बेटों को जन्म दिया.’

बगीचे के आम खाने से क्या महिलाएं बेटे को जन्म देती हैं ?

उनके बयान की निंदा करते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि, ‘भिडे की टिप्पणी सुनने के बाद वह एक मां और महिला के रूप में आहत हुई है. किसी भी महिला के लिए मां बनना और लड़के या लड़की को जन्म देना गर्व की बात होती है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस तरह के व्यक्तिगत मामले पर समाज में तुच्छ स्तर की बात हो रही है.’

वहीं, अंधविश्वास विरोधी एक संगठन ने मांग की कि इस बयान के बाद भिडे के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए. महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के प्रदेश सचिव मिलिन्द देशमुख ने कहा कि भिडे का बयान अंधविश्वास और काला जादू रोधी कानून के तहत संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है और उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.

उधर, अमरावती जिले के अचलपुर से विधायक बच्चू कडू ने भी भिडे के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की मांग की है. भाषण के दौरान भिडे ने रामायण और महाभारत से कई उदाहरण दिए और वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक प्रणाली पर हमला बोला.

कौन हैं संभाजी भिड़े: आरएसएस के पूर्व कार्यकर्ता संभाजी भिड़े शिव प्रतिष्ठान संस्थान के प्रमुख हैं. वह 1 जनवरी को हुई भीमा कोरेगांव जातीय हिंसा से संबंधित मामले में आरोपी हैं. हिंसा के बाद पुणे के पिंपरी पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ केस दायर किया गया था.