देहरादून- हेमकुंड साहिब और मसूरी आने वाले पर्यटकों में मिलेगी ये बड़ी सौगात, सरकार ने लगाई मुहर

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देहरादून- न्यूज टुडे नेटवर्क : देवभूमि उत्तराखंड में मन मोह लेने वाली प्राकृतिक वादियों की कमी नही है, यही वजह है कि देश-दुनिया के लाखों-लाख पर्यटक यहाँ साल भर भ्रमण को पहुंचते हैं। ऐसे में पर्यटन की अपार संभावनाओं वाले उत्तराखंड में आने वाले सैलानियों के लिए खुशखबरी है। सिक्खों के पवित्र तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब और पहाड़ों की रानी मसूरी आने वाले सैलानियों के लिए अब सरकार ने हवाई सफर मुहैय्या कराने की तैयारी की है।

इस कड़ी में राज्य मंत्रिमंडल ने मसूरी-देहरादून और हेमकुंड साहिब को जोड़ने वाले गोविंदघाट-घांघरिया रोपवे को मंजूरी दे दी है। मसूरी-दून रोपवे के बनने से जहाँ मसूरी में जाम की समस्या से निजात मिलेगी, वहीं हेमकुंड आने-जाने वाले तीर्थयात्रियों को भी सहूलियत मिलने के साथ ही फूलों की घाटी की सैर भी आसान हो सकेगी।

पीपीपी मोड पर तैयार होगा मसूरी-दून रोपवे

देहरादून से महज 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मसूरी पहुंचने के लिए पर्यटकों को जाम का झाम झेलना पड़ता है वहीं पार्किंग की समस्या का सामना भी करना पड़ता है। जानकारी के मुताबिक पुरुकुल देहरादून से मसूरी टैक्सी स्टैंड तक साढ़े पांच किलोमीटर लंबे रोपवे पर करीब 350 करोड़ की लागत आएगी। यह PPP मोड में तैयार किया जाएगा। अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद पर्यटन विभाग इसके लिए निविदाएं आमंत्रित करेगा। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के नोडल अधिकारी (डीपीआर) सतीश बहुगुणा ने बताया कि रोपवे बन जाने के बाद हवा में करीब 20 मिनट का सफर तय कर देहरादून से मसूरी का सफर तय किया जा सकेगा।

गोविंदघाट से घांघरिया तक बनेगा रोपवे

चमोली जिले में स्थित हेमकुंड साहिब के लिए दूसरे चरण के रोपवे को भी मंजूरी दी गई है। यह रोपवे गोविंदघाट से घांघरिया तक बनेगा, जबकि इससे आगे घांघरिया से हेमकुंड साहिब तक रोपवे निर्माण को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है । इन दिनों सर्वे की कवायद चल रही है। अब गोविंदघाट-घांघरिया रोपवे बनने पर गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक आने-जाने को रोपवे की सुविधा तीर्थयात्रियों को मिल सकेगी। अधिकतम राजस्व हिस्सेदारी से बनने वाले इस 7.8 किलोमीटर लंबे इस रोपवे के निर्माण पर करीब 311 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

फूलों की घाटी की सैर होगी आसान

बता दें कि गोविंदघाट-घांघरिया रोपवे के बनने से विश्व धरोहर में शुमार फूलों की घाटी नेशनल पार्क की सैर भी आसान हो जाएगी। अभी तक सैलानियों को गोविंदघाट से फूलों की घाटी पहुंचने के लिए करीब 15 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। घांघरिया तक रोपवे बनने के बाद पर्यटक वहां से महज 03किमी की दूरी पैदल तय कर फूलों की घाटी की सैर कर सकेंगे।