नई दिल्ली- देश की पहली महिला विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का राजनीतिक सफरनामा

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नई दिल्ली- देश की राजनीति में चुनिंदा महिला राजनेताओं का जब भी जिक्र होता है तो उनमें सुषमा स्वराज भी आती हैं। वर्तमान मोदी सरकार में विदेश मंत्री के तौर पर अपनी बेमिसाल लीडरशीप के दम पर आज सुषमा स्वराज अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। कैसे हुई सुषमा की राजनीति में शुरूवात और किस तरह उन्होंने भारतीय राजनीति में नये मुकाम गढ दिये , इन सभी सवालों का जवाब आपको हमारी इस खबर में मिलेगा। जानिये विदेश मंत्री का राजनीतिक सफरनामा-

sushma swaraj

सुषमा स्वराज का जन्म और परिवार

सुषमा स्वराज का जन्म १४ फरवरी 1952 को अम्बाला कैंट में हुआ था। 1975 में उनका विवाह स्वराज कौशल के साथ में हुआ था। स्वराज कौशल 6 साल तक राज्यसभा में सांसद रहे । इसके अलावा वे मिजोरम प्रदेश के राज्यपाल भी रहे। स्वराज कौशल अभी तक सबसे कम आयु में राज्यपाल का पद प्राप्त करने वाले व्यक्ति हैं। सुषमा स्वराज और उनके पति की उपलब्धियों के ये रिकार्ड लिम्का बुक ऑफ व‌र्ल्ड रिकार्ड में दर्ज़ करते हुए उन्हें विशेष दम्पत्ति का स्थान दिया गया है। स्वराज दम्पत्ति की एक पुत्री है जो वकालत कर रही हैं।

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कैसे हुई सुषमा स्वराज की राजनीति में शुरूवात

अम्बाला छावनी में जन्मी सुषमा स्वराज ने एसडी कालेज अम्बाला छावनी से बीए तथा पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से कानून की डिग्री ली। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने पहले जयप्रकाश नारायण के आन्दोलन में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। आपातकाल का पुरजोर विरोध करने के बाद वे सक्रिय राजनीति से जुड़ गयीं। वर्तमान में सुषमा स्वराज मध्य प्रदेश की विदिशा सीट से लोकसभा की सदस्या चुनी गयीं। वे विदेशी मामलों में संसदीय स्थायी समिति की अध्यक्षा भी हैं।

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हरियाणा सरकार में श्रम व रोजगार मन्त्री रहने वाली सुषमा अम्बाला छावनी से विधायक बनने के बाद लगातार आगे बढ़ती गईं । वे साल 2009 में भारत की भारतीय जनता पार्टी द्वारा संसद में विपक्ष की नेता चुनी गयी थीं, इस नाते वे भारत की 15वीं लोकसभा में प्रतिपक्ष की नेता रही हैं। इसके पहले भी वे केन्द्रीय मन्त्रिमण्डल में रह चुकी हैं तथा दिल्ली की मुख्यमन्त्री भी रही हैं। वे सन 2009 के लोकसभा चुनावों के लिये भाजपा के 19 सदस्यीय चुनाव-प्रचार-समिति की अध्यक्ष भी रहीं थीं।

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वर्ष 2014 में उन्हें भारत की पहली महिला विदेश मंत्री होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। कैबिनेट में उन्हे शामिल करके उनके कद और काबिलियत को स्वीकारा। वे दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री और देश में किसी राजनीतिक दल की पहली महिला प्रवक्ता बनने की उपलब्धि भी उन्हीं के नाम दर्ज है।

राजनीतिक करियर

आपातकाल के बाद उन्होंने दो बार हरियाणा विधानसभा का चुनाव जीता और चौधरी देवी लाल की सरकार में से 1977 से 1979 के बीच राज्य की श्रम मन्त्री रह कर 25 साल की उम्र में कैबिनेट मन्त्री बनने का रिकार्ड बनाया था। 1970 में उन्हें एसडी कालेज में सर्वश्रेष्ठ छात्रा के सम्मान से सम्मानित किया गया था। वे तीन साल तक लगातार एसडी कालेज छावनी की एनसीसी की सर्वश्रेष्ठ कैडेट और तीन साल तक राज्य की श्रेष्ठ वक्ता भी चुनी गईं।

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पंजाब विश्वविद्यालय द्वारा 1973 में उन्हें सर्वोच्च वक्ता का सम्मान मिला। भाजपा में राष्ट्रीय मन्त्री बनने वाली पहली महिला सुषमा के नाम पर कई रिकार्ड दर्ज़ हैं। 13 जुलाई 1975 को स्वराज कौशल के साथ उनका विवाह हुआ था।वे भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता बनने वाली पहली महिला हैं, वे कैबिनेट मन्त्री बनने वाली भी भाजपा की पहली महिला हैं, वे दिल्ली की पहली महिला मुख्यमन्त्री थीं और भारत की संसद में सर्वश्रेष्ठ सांसद का पुरस्कार पाने वाली पहली महिला भी वे ही हैं।

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वर्ष 2014 में वे विदिशा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा की सांसद निर्वाचित हुई हैं और उन्हें भारत की पहली महिला विदेश मंत्री होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। वे दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री और देश में किसी राजनीतिक दल की पहली महिला प्रवक्ता बनने की उपलब्धि भी उन्हीं के नाम दर्ज है।